भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और शुरुआती कारोबार से ही निवेशकों में बेचैनी दिखाई दी। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण बाजार पर दबाव बढ़ा। कारोबारी दिन के दौरान सेंसेक्स करीब 950 अंक गिरकर 73,150 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी-50 में 288 अंकों की कमजोरी के साथ यह 22,680 के स्तर पर आ गया। बैंकिंग सेक्टर भी दबाव में रहा और बैंक निफ्टी करीब 550 अंक यानी 1.11 प्रतिशत टूटकर 48,900 के दायरे में कारोबार करता दिखाई दिया।
कमजोर शुरुआत ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता और बाजार में दिखी तेज बिकवाली
सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत ही गिरावट के साथ हुई। बीएसई सेंसेक्स लगभग 700 अंक नीचे 73,400 के आसपास खुला, जबकि निफ्टी करीब 180 अंक गिरकर 22,780 पर कारोबार शुरू करता नजर आया। शुरुआती घंटों में आई गिरावट ने निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ा दी और कई सेक्टरों में मुनाफावसूली देखने को मिली।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका-ईरान तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई
वैश्विक बाजारों में चिंता का बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए समय सीमा दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। संभावित भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को जोखिम से बचने की रणनीति अपनाने पर मजबूर किया।
एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख, कुछ सूचकांक बढ़त में
एशियाई बाजारों में अलग-अलग रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 करीब 0.35 प्रतिशत मजबूत रहा, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में लगभग 0.62 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 1.5 प्रतिशत चढ़ा और कोस्डैक में 0.5 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। हालांकि, ईस्टर अवकाश के कारण हांगकांग का बाजार बंद रहा।
वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में उतार-चढ़ाव, निवेशक बने सतर्क
अमेरिकी बाजारों से जुड़े फ्यूचर्स में हल्की कमजोरी देखी गई। S&P 500 से जुड़े फ्यूचर्स में मामूली गिरावट आई, जबकि Nasdaq 100 फ्यूचर्स लगभग 0.2 प्रतिशत नीचे रहा। Dow Jones Industrial Average फ्यूचर्स में करीब 45 अंक यानी 0.1 प्रतिशत की हल्की बढ़त देखने को मिली। निवेशक वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, 100 डॉलर से ऊपर बना दबाव
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड करीब 0.95 प्रतिशत चढ़कर 113.47 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। ब्रेंट क्रूड लगभग 0.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 110.37 डॉलर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं COMEX पर कच्चे तेल की कीमत करीब 0.74 प्रतिशत बढ़कर 113.24 डॉलर प्रति बैरल रही। तेल की ऊंची कीमतें महंगाई और बाजार के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं।
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