रसोई गैस की किल्लत अब आम जिंदगी से निकलकर सामाजिक आयोजनों तक पहुंच चुकी है। हापुड़ जिले के ग्राम बदनौली मढ़ैया में एक परिवार को अपनी बेटी की शादी सिर्फ इसलिए टालनी पड़ी, क्योंकि प्रीतिभोज के लिए जरूरी गैस सिलेंडर समय पर उपलब्ध नहीं हो सके। यह मामला सामने आने के बाद प्रशासन भी हरकत में आया है और अब शादी दोबारा तय तारीख पर कराने का भरोसा दिया गया है।
सिलेंडर की कमी से टली बेटी की शादी ..
हलवाई ने मांगे 6 सिलेंडर
बाजार में नहीं मिले…हरकत में प्रशासन
परिवार ने राहत की सांस ली
शादी की नई तारीख 28 मार्च तय की गई
सिलेंडर सप्लाई में समस्या या वितरण व्यवस्था में कमी
दरअसल, गांव निवासी बिमलेश की बेटी शिवानी की शादी मुरादाबाद निवासी रितेश के साथ तय थी। घर में शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। बारात आने वाली थी और मेहमानों के स्वागत के लिए प्रीतिभोज का भी इंतजाम किया गया था। लेकिन ऐन वक्त पर रसोई गैस की कमी ने सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया। परिवार के अनुसार, हलवाई ने पहले ही साफ कर दिया था कि भोजन बनाने के लिए कम से कम छह गैस सिलेंडर की जरूरत होगी। ऐसे में शिवानी के भाई रोबिन और मां बिमलेश ने दो दिन पहले से ही सिलेंडर की व्यवस्था करने की कोशिश शुरू कर दी थी। उन्होंने आसपास के बाजारों, गैस एजेंसियों और जान-पहचान वालों से संपर्क किया, लेकिन हर जगह से एक ही जवाब मिला—“सिलेंडर उपलब्ध नहीं है।”
शादी के दिन सुबह तक भी जब सिलेंडर नहीं मिले, तो हलवाई ने खाना बनाने से मना कर दिया। बारात आने का समय नजदीक था, लेकिन रसोई पूरी तरह ठंडी पड़ी रही। मजबूरी में परिवार को बेटी की शादी स्थगित करने का फैसला लेना पड़ा। यह फैसला न केवल भावनात्मक रूप से भारी था, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी परिवार पर बड़ा बोझ बन गया। परेशान परिवार ने हार नहीं मानी और सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचकर मदद की गुहार लगाई। बिमलेश और उनके बेटे रोबिन ने जिला पूर्ति अधिकारी से मुलाकात कर पूरी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि शादी के लिए जरूरी इंतजाम होने के बावजूद केवल गैस सिलेंडर की कमी के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
हापुड़ जिला पूर्ति अधिकारी डॉ.डॉ. सीमा सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया कि उनकी जरूरत के अनुसार सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही परिवार से संपर्क बनाए रखने के लिए फोन नंबर भी लिया और किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर सीधे सूचना देने को कहा।
प्रशासन की पहल के बाद अब परिवार ने राहत की सांस ली है। शादी की नई तारीख 28 मार्च तय की गई है और उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से पूरी हो जाएंगी। इस पूरे घटनाक्रम पर जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. सीमा सिंह का कहना है कि जिले में घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के गैस सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कमर्शियल सिलेंडर का कोटा भी बढ़ा दिया गया है और किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, सिलेंडर की कमी को लेकर अफवाहें ज्यादा फैल रही हैं, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बन रही है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के दिनों में कई लोग शादी के कार्ड और आवेदन लेकर उनके पास आ रहे हैं, जिनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
यह मामला एक बड़ा सवाल भी खड़ा करता है—क्या वास्तव में सिलेंडर की सप्लाई में कहीं न कहीं समस्या है, या फिर वितरण व्यवस्था में कमी के कारण ऐसे हालात बन रहे हैं? फिलहाल प्रशासन इसे अफवाह बता रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि एक परिवार को अपनी बेटी की शादी तक टालनी पड़ी। कुल मिलाकर, यह घटना न सिर्फ एक परिवार की परेशानी को उजागर करती है, बल्कि यह भी बताती है कि बुनियादी सुविधाओं की कमी किस तरह बड़े सामाजिक आयोजनों को प्रभावित कर सकती है। अब सभी की नजर 28 मार्च पर टिकी है, जब उम्मीद है कि शिवानी की शादी बिना किसी रुकावट के संपन्न होगी।





