मार्च में मौसम का यू-टर्न: आंधी-बारिश से लौटी ठंड, दिल्ली-NCR में बदला मिजाज
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मार्च के महीने में ही मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जहां कुछ दिन पहले तक तेज धूप और गर्मी लोगों को परेशान कर रही थी, वहीं अब तेज आंधी, बादल और बारिश ने ठंड का अहसास वापस ला दिया है। कई इलाकों में धूल भरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया।
तीन दिन बारिश का अलर्ट, तापमान में गिरावट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 19 से 21 मार्च तक दिल्ली-NCR में आंशिक बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
- अधिकतम तापमान: 28–29°C
- न्यूनतम तापमान: 16–17°C
21 मार्च को हल्की बारिश के आसार हैं, जबकि 22-23 मार्च से मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा। राहत की बात यह है कि फिलहाल तापमान में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस बना वजह
मौसम में इस अचानक बदलाव के पीछे मुख्य कारण वेस्टर्न डिस्टरबेंस है। यह एक ऐसा मौसमी सिस्टम है, जो भूमध्य सागर क्षेत्र से नमी लेकर उत्तर भारत की ओर आता है। जब ये नमी भरी हवाएं मैदानी इलाकों की गर्म हवा से टकराती हैं, तो वातावरण में अस्थिरता पैदा होती है—नतीजतन तेज हवाएं, बादल, बारिश और कभी-कभी ओलावृष्टि देखने को मिलती है।
पहाड़ों पर बर्फबारी, येलो अलर्ट जारी
मौसम का असर सिर्फ मैदानी इलाकों तक सीमित नहीं है।
- हिमाचल प्रदेश में 18 से 20 मार्च के बीच कई स्थानों पर बारिश और बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
- उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब जैसे इलाकों में बर्फ की मोटी परत जमी है, जिससे ठंड एक बार फिर बढ़ गई है।
राजस्थान में आंधी, बारिश और ओले का खतरा
राजस्थान में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। IMD के अनुसार:
- 18 से 20 मार्च के बीच 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं
- कई इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है
जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर संभागों में इसका ज्यादा असर देखने को मिल सकता है।
AQI में सुधार, फिर गिरावट की आशंका
बारिश और तेज हवाओं की वजह से दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार दर्ज किया गया है। धूल और प्रदूषण के कण नीचे बैठने से हवा साफ हुई है। हालांकि मौसम साफ होते ही AQI फिर गिर सकता है।
मार्च के महीने में आया यह मौसम परिवर्तन साफ संकेत देता है कि उत्तर भारत में अभी गर्मी पूरी तरह से स्थिर नहीं हुई है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय रहने तक लोगों को ठंडी हवाओं, बारिश और बादलों से राहत मिलती रहेगी। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम सुहावना रहने की उम्मीद है, लेकिन अचानक बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है।





