नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने सेना से रिटायर होकर पेंशन पाने वालों और देश के गरीबों को नए साल की शुरुआत में तोहफा दिया है। सरकार ने शुक्रवार को दो बड़े फैसले लिए हैं। वन रैंक वन पेंशन यानी ओआरओपी योजना में सुधार किया गया है तो अगले एक साल तक गरीबों को सब्सिडी वाला अनाज मुफ्त दिया जाएगा। गरीबों को अनाज वाली योजना 31 दिसंबर को खत्म हो रही थी।
- ओरओपी पर सरकार के 31 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे
- गरीबों को मुफ्त अनाज की सुविधा के लिए 2 लाख करोड़ खर्च होंगे
- यह 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए बड़ा कदम साबित होगा
मुफ्त खाद्यान्न योजना को एक साल और बढ़ाना सरकार का को गरीबों की चिंता करनेवाला और छवि सुधारने वाला कदम होगा। यह 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले सत्तारूढ़ भाजपा का तुरुप का पत्ता साबित हो सकता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानूनके तहत अब 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त अनाज मिलेगा और इसके लिए एक रुपया भी नहीं देना होगा। सरकार दिसंबर 2023 तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मुफ्त अनाज देगी, जिसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी।
पीएम अन्न योजना को मिलाया
अब तक एनएफएसए के तहत गरीबों को सब्सिडी वाला अनाज दिया जाता था। साथ ही, कोविड दौरान पीएम अन्न योजना के तहत पिछले ढाई साल से गरीबों को मुफ्त में खाद्यान्न दिया जा रहा था। सरकार ने एनएफएसए और पीएम अन्न योजना को एक कर दिया है। इसके तहत उन्हें अगले साल तक मुफ्त खाद्यान्न मिलेगा। बता दें कि पीएम अन्न योजना 31 दिसंबर, 2022 को समाप्त हो रही थी।
ओआरओपी का भी हला
इसके साथ ही सरकार ने 1 जुलाई, 2019 से वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत सशस्त्र बलों के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों के लिए पेंशन के संशोधन को भी मंजूरी दे दी है। साथ ही, जुलाई 2019 से जून 2022 तक के बकाया 23,638 करोड़ रुपये का चार छमाही किश्तों में भुगतान किया जाएगा। इससे पूर्व सैनिकों को भी मोदी सरकार अपने पाले में खींच सकती है।





