वैश्विक तनाव और मुनाफावसूली के दबाव में बाजार लुढ़का, निवेशकों में बढ़ी सतर्कता
बुधवार दोपहर भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स करीब 1.29 फीसदी या 1010 अंक टूटकर 77,195 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में केवल 7 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 23 शेयर लाल निशान पर फिसलते दिखे। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 1.10 फीसदी या 265 अंक की गिरावट के साथ 23,997 के आसपास ट्रेड करता दिखा।
ऑटो और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली बढ़ी, सेक्टर इंडेक्स पर दबाव साफ नजर आया
बाजार में सबसे ज्यादा दबाव ऑटो सेक्टर पर रहा, जहां निफ्टी ऑटो करीब 2.01 फीसदी नीचे रहा। इसके अलावा फाइनेंशियल सर्विसेज, एफएमसीजी, आईटी, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में भी उल्लेखनीय गिरावट देखी गई। निवेशकों की ओर से कई प्रमुख शेयरों में मुनाफावसूली होने से बाजार का रुख कमजोर बना रहा।
एफआईआई की बिकवाली और डीआईआई की खरीदारी के बीच बाजार में खींचतान जारी
10 मार्च को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार बिकवाली जारी रखते हुए लगभग 4,673 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 6,333 करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी कर बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले एक साल की तरह एफआईआई और डीआईआई के बीच यह खींचतान आगे भी जारी रह सकती है।
मिडिल ईस्ट संकट और वैश्विक घटनाक्रम से बढ़ी चिंता, निवेशकों का रुख सतर्क
मध्य पूर्व में जारी तनाव और अमेरिका-इजराइल द्वारा ईरान पर बड़े हमले की खबरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है। इसी बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के बाद तेल की कीमतों में हल्की गिरावट देखी गई, जिससे वैश्विक बाजारों को कुछ राहत मिली।
अस्थिरता सूचकांक में उछाल ने बढ़ाई बेचैनी, निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव के संकेत
बाजार की अस्थिरता दर्शाने वाला इंडिया VIX 11 मार्च को 8 फीसदी से अधिक बढ़कर 20.5 पर पहुंच गया, जो निकट अवधि में तेज उतार-चढ़ाव के संकेत देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार वैश्विक संकेतों और निवेशकों की रणनीति पर निर्भर रहेगा।





