अमेरिका-इज़राइल-ईरान युद्ध: ईरान पर हमले जारी, तेहरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी और इज़राइली ठिकानों को बनाया निशाना
मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। पिछले कुछ घंटों में दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिविधियां और हमले बढ़ गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और अस्थिरता की स्थिति पैदा हो गई है। युद्ध के छठे दिन ईरान ने इज़राइल की ओर कई चरणों में मिसाइलें दागीं, जबकि इज़राइल ने ईरान के भीतर मौजूद सुरक्षा बलों और सैन्य इकाइयों पर जवाबी हमले किए। रिपोर्टों के अनुसार इज़राइल ने ईरान की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और बसीज बलों की इकाइयां शामिल हैं। इन हमलों के बाद तेहरान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसी बीच यह भी खबर सामने आई है कि ईरान में सर्वोच्च नेता अली खामेनेई से जुड़े संभावित अंतिम संस्कार की तैयारियों को लेकर भी गतिविधियां देखी जा रही हैं, हालांकि इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिका ने किया मिसाइल परीक्षण
संघर्ष के बीच अमेरिका ने भी अपनी सैन्य तैयारियों का प्रदर्शन करते हुए कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से मिनुटमैन-III इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने बताया कि यह परीक्षण नियमित सैन्य अभ्यास का हिस्सा था और इसका उद्देश्य अमेरिका की परमाणु क्षमता की विश्वसनीयता को बनाए रखना है।
इसके साथ ही पेंटागन ने कुवैत में मारे गए दो अमेरिकी सैनिकों की पहचान भी सार्वजनिक की है। इन सैनिकों की मौत हाल ही में हुए एक सैन्य अभियान के दौरान हुई थी, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
कुवैत के पास तेल टैंकर में विस्फोट
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर समुद्री क्षेत्रों में भी देखने को मिला है। कुवैत के तट के पास एक तेल टैंकर में विस्फोट होने की खबर सामने आई है, जिससे समुद्र में तेल रिसाव हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह रिसाव ज्यादा बढ़ता है तो इसका पर्यावरण और वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पहले से ही तेल की कीमतों में तेजी और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ रही है।
कतर में अमेरिकी दूतावास के पास लोगों की निकासी
बढ़ते तनाव को देखते हुए कतर की सरकार ने एहतियात के तौर पर अमेरिकी दूतावास के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का फैसला किया है। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और संभावित खतरे को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था पर असर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते संकट का असर एशिया की अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ रहा है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्यूंग ने इस संकट को लेकर आपात बैठक बुलाई। युद्ध के कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है, जिससे दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार तेजी से नीचे गिरा और कोरियाई मुद्रा ‘वॉन’ भी कमजोर हो गई।
राष्ट्रपति ली ने अधिकारियों को लगभग 69 अरब डॉलर के बाजार स्थिरीकरण योजना को सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं ताकि वित्तीय बाजारों और मुद्रा को स्थिर रखा जा सके। इसके साथ ही उन्होंने तेल आयात के स्रोतों में विविधता लाने और शिपिंग कंपनियों को आर्थिक सहायता देने की बात भी कही है, क्योंकि बढ़ते तनाव और समुद्री परिवहन लागत से ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार प्रभावित हो सकता है।
कतर एयरवेज की उड़ानें फिलहाल निलंबित
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण कतर के हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया है। इसके चलते कतर एयरवेज ने अपनी सभी नियमित उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। एयरलाइन ने कहा है कि उड़ानें तभी शुरू की जाएंगी जब कतर सिविल एविएशन अथॉरिटी यह पुष्टि करेगी कि हवाई क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित है।
हालांकि, फंसे हुए यात्रियों की मदद के लिए 5 मार्च से कुछ सीमित राहत उड़ानें चलाई जा रही हैं। इनमें मस्कट से लंदन हीथ्रो, बर्लिन, कोपेनहेगन, मैड्रिड, रोम और एम्स्टर्डम के लिए विशेष उड़ानें शामिल हैं। इसके अलावा रियाद से फ्रैंकफर्ट के लिए भी एक राहत उड़ान संचालित की जा रही है। एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचना मिलने के बाद ही एयरपोर्ट पहुंचें।
ईरान सरकार ने जारी किए नए प्रशासनिक निर्देश
संघर्ष के बीच ईरान सरकार ने देश में आवश्यक सेवाओं को जारी रखने के लिए नए प्रशासनिक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने कई सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम यानी दूरस्थ कार्य करने की अनुमति दी है। यह सुविधा खास तौर पर दिव्यांग कर्मचारियों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों के माता-पिता और गंभीर बीमारियों से पीड़ित कर्मचारियों को दी जाएगी।
हालांकि स्वास्थ्य सेवाएं, ऊर्जा, संचार, सार्वजनिक परिवहन, अग्निशमन, सुरक्षा और रक्षा जैसे आवश्यक क्षेत्रों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है और उन्हें सामान्य रूप से काम जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा सरकार ने आमने-सामने होने वाले सम्मेलनों और गैर-जरूरी सरकारी यात्राओं पर भी रोक लगा दी है। केवल विशेष अनुमति मिलने पर ही ऐसी गतिविधियों को मंजूरी दी जाएगी।
बढ़ता जा रहा वैश्विक तनाव
कुल मिलाकर अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ता यह संघर्ष अब एक बड़े क्षेत्रीय संकट का रूप लेता जा रहा है। इसके असर से न केवल मिडिल ईस्ट बल्कि एशिया और यूरोप की अर्थव्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं। ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार मार्गों और वैश्विक बाजारों पर इसके प्रभाव को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है।





