सुपर-8 स्टेज के ग्रुप-2 में समीकरण उस वक्त पूरी तरह बदल गया, जब इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने अपने आखिरी मुकाबले में न्यूज़ीलैंड को मात देकर न सिर्फ खुद को टॉप पर पहुंचाया, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए भी सेमीफाइनल की एक खिड़की खोल दी। हैरी ब्रूक की कप्तानी में इंग्लैंड ने लगातार तीन जीत दर्ज करते हुए छह अंकों के साथ ग्रुप-2 में पहला स्थान पक्का किया है।
हैरी ब्रूक की कप्तानी में इंग्लैंड का दबदबा, सुपर-8 में अजेय रहते हुए टॉप पर कब्जा
इंग्लैंड ने सुपर-8 चरण में एकतरफा प्रदर्शन करते हुए तीनों मुकाबले जीते और बिना कोई मैच गंवाए अगले दौर में प्रवेश किया। हैरी ब्रूक की अगुआई में टीम ने आर प्रेमदासा स्टेडियम में मिली जीत के बाद छह अंक जुटाए और ग्रुप-2 की टेबल में शीर्ष स्थान हासिल किया। इंग्लैंड की इस जीत ने टूर्नामेंट को और रोमांचक बना दिया।
न्यूज़ीलैंड की हार के बावजूद स्थिति मजबूत, पाकिस्तान पर टिकी सभी निगाहें
इंग्लैंड से मिली हार के बावजूद न्यूज़ीलैंड क्रिकेट टीम तीन अंकों और +1.390 के मजबूत नेट रन रेट के साथ फिलहाल दूसरे स्थान पर बनी हुई है। वहीं पाकिस्तान की हालत नाजुक है—दो मैचों में सिर्फ एक अंक और -0.461 का नेट रन रेट। अब ग्रुप-2 का आखिरी मुकाबला ही यह तय करेगा कि सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड जाएगा या पाकिस्तान इतिहास रचेगा।
पाकिस्तान के लिए बेहद कठिन समीकरण, जीत बड़ी चाहिए वरना बाहर
पाकिस्तान के सामने समीकरण साफ है, लेकिन आसान बिल्कुल नहीं। अगर टीम पहले बल्लेबाज़ी करती है, तो उसे श्रीलंका क्रिकेट टीम को करीब 65 रन से हराना होगा। वहीं अगर पाकिस्तान लक्ष्य का पीछा करता है, तो उसे लगभग 13 ओवर के भीतर रन चेज़ पूरा करना होगा। शनिवार को पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाने वाला यह मुकाबला पाकिस्तान के लिए पूरी तरह नॉकआउट जैसा है।
तीन दशक पुराना इतिहास, जब श्रीलंका को हराकर पाकिस्तान ने किया था चमत्कार
पाकिस्तान के पास खुद का इतिहास है, जो उम्मीद जगाता है। करीब 30 साल पहले केसीए सेंटेनरी टूर्नामेंट में पाकिस्तान इसी तरह की दबाव भरी स्थिति में था। तब टीम को फाइनल में पहुंचने के लिए श्रीलंका के खिलाफ बड़ी जीत चाहिए थी। पाकिस्तान ने 82 रन से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया था और पूरे क्रिकेट जगत को चौंका दिया था।
1996 का यादगार कारनामा, अफरीदी-अनवर की जोड़ी ने बदला था मैच का रुख
1996 में नैरोबी के जिमखाना क्लब ग्राउंड पर पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 371/9 रन बनाए थे। उस मैच में सिर्फ 16 साल के शाहिद अफरीदी ने 40 गेंदों पर विस्फोटक 102 रन ठोके थे, जबकि सईद अनवर ने 115 रनों की शानदार पारी खेली थी। वही जीत पाकिस्तान को फाइनल तक ले गई थी। अब सवाल यही है—क्या पाकिस्तान एक बार फिर इतिहास दोहराएगा या न्यूजीलैंड सेमीफाइनल में जगह बनाएगा?





