मंगलवार को घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने निवेशकों और खरीदारों को अलग-अलग संकेत दिए। वायदा बाजार में जहां सोने के दाम फिसलते नजर आए, वहीं हाजिर और जेवराती बाजार में मजबूती बनी रही। शादी-ब्याह के सीजन और अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख का असर साफ दिखाई दे रहा है।
एमसीएक्स वायदा बाजार में सोने की कीमतों में दर्ज की गई गिरावट
मंगलवार दोपहर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की घरेलू वायदा कीमतों में गिरावट देखी गई। कारोबार के दौरान सोना 0.54 फीसदी यानी 880 रुपये टूटकर 1,60,718 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता नजर आया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के चलते वायदा कीमतों पर दबाव बना रहा।
चांदी की कीमतों में तेजी, निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी
जहां सोने के वायदा भाव कमजोर पड़े, वहीं चांदी ने मजबूती दिखाई। MCX पर चांदी की घरेलू वायदा कीमत 0.30 फीसदी या 791 रुपये की बढ़त के साथ 2,66,124 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। जानकारों का मानना है कि औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर चांदी में खरीदारी बढ़ रही है।
हाजिर बाजार में अलग तस्वीर, कैरेट के हिसाब से सोने के भाव
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, घरेलू हाजिर बाजार में सोने की कीमतों में स्थिरता और मजबूती देखने को मिली। 24 कैरेट सोना 1,59,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। वहीं 22 कैरेट सोना 1,55,680 रुपये, 20 कैरेट सोना 1,41,960 रुपये, 18 कैरेट सोना 1,29,200 रुपये और 14 कैरेट सोना 1,02,880 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा।
जेवराती बाजार में तेजी, शादी सीजन का असर साफ
स्थानीय सर्राफा बाजार में जेवराती सोने की कीमतों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। जेवराती सोना 1,400 रुपये की तेजी के साथ 1,58,800 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जबकि शुद्ध सोने का भाव बढ़कर 1,59,600 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। कोटा ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार, 24 कैरेट (99.5) सोना 1,58,500 रुपये, 22 कैरेट 1,46,759 रुपये, 20 कैरेट 1,37,826 रुपये, 18 कैरेट 1,26,800 रुपये और 14 कैरेट सोना 1,11,620 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।
आगे क्या हो सकता है रुख, निवेशकों के लिए क्या है सलाह
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती बनी रहती है तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और तेजी देखी जा सकती है। हालांकि, ऊंचे दाम खुदरा ग्राहकों की खरीदारी पर असर डाल सकते हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशक जल्दबाजी से बचें और बाजार की चाल, वैश्विक संकेतों व मांग-आपूर्ति की स्थिति को ध्यान में रखकर ही निवेश या खरीदारी का फैसला करें।





