मध्य प्रदेश में फिर बदला मौसम का मिजाज
बीते 24 घंटों में कई जिलों में बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। भोपाल, सागर, जबलपुर, धार, इंदौर, खंडवा, रायसेन, रतलाम और उज्जैन सहित कई क्षेत्रों में रुक-रुककर वर्षा हुई। इससे तापमान में अस्थायी गिरावट आई, लेकिन दोपहर की धूप ने फिर पारा चढ़ा दिया।मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक ऊपरी हवा में बने चक्रवाती परिसंचरण और द्रोणिका के सक्रिय रहने के कारण प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादल छाए रहे और बारिश होती रही। यही वजह है कि मौसम स्थिर नहीं हो पा रहा है।
दक्षिण-पूर्वी इलाकों में बूंदाबांदी
प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी जिलों—छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज—में हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को ठंडा बनाए रखा। यहां सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का एहसास हुआ। वहीं कुछ जिलों में तेज धूप के कारण दिन का तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच गया।इस तरह प्रदेश में एक ही दिन में अलग-अलग मौसम के रूप देखने को मिल रहे हैं—कहीं बादल, कहीं बारिश तो कहीं चटक धूप।
सात जिलों में हल्की बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि सोमवार को छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में हल्की वर्षा हो सकती है। हालांकि यह बारिश ज्यादा तीव्र नहीं होगी, लेकिन बादल छाए रहने से तापमान में हल्की गिरावट संभव है।22 फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र पर सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ की चेतावनी दी गई थी, लेकिन यह तंत्र आगे खिसक गया। इसके कारण लगातार और व्यापक बारिश की संभावना कम हो गई है। फिर भी स्थानीय सिस्टम के कारण कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा हो सकती है।
फरवरी में चौथी बार बारिश
फरवरी की शुरुआत से ही प्रदेश में मौसम अस्थिर बना हुआ है। इस महीने पहले भी तीन बार बारिश और ओलावृष्टि हो चुकी है। तेज हवाओं और ओलों ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया। कई जिलों में गेहूं, चना और मसूर की फसल प्रभावित हुई।
फसल नुकसान के बाद प्रशासन ने सर्वे भी कराया है। 18 फरवरी से शुरू हुए तीसरे दौर का असर 19, 20 और 21 फरवरी तक देखा गया। अब चौथे चरण की आहट सुनाई दे रही है, जिससे किसान एक बार फिर सतर्क हो गए हैं।
तापमान में उतार-चढ़ाव
रविवार को मौसम सामान्य रहने की बात कही गई है। दिन के तापमान में 3 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे दोपहर में हल्की गर्मी का एहसास हुआ। हालांकि सुबह-शाम अभी भी हल्की ठंड बनी हुई है।मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में तेज बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन बादल छाए रहने और हल्की वर्षा से मौसम का मिजाज बदलता रहेगा।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार फरवरी के अंतिम सप्ताह तक मौसम में हलचल बनी रह सकती है। कहीं-कहीं बादल और हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। हालांकि मार्च की शुरुआत के साथ तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होने की संभावना है।फिलहाल प्रदेश के लोगों को बदलते मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम अपडेट पर नजर रने की जरूरत है, ताकि फसलों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।मध्य प्रदेश में मौसम की यह आंख-मिचौली कब थमेगी, यह आने वाले दिनों में साफ होगा, लेकिन फिलहाल प्रदेशवासी बादल, बूंदाबांदी और धूप—तीनों का मिश्रित अनुभव कर रहे हैं।




