कर्ज के बोझ तले दुनिया: अमेरिका दबाव में, जापान नंबर-1… जानिए भारत की स्थिति
दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं तेजी से विकास की दौड़ में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन इसी के साथ उन पर सरकारी कर्ज का बोझ भी बढ़ता जा रहा है। कोविड महामारी, युद्ध, आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज, महंगाई और ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव ने कई देशों की वित्तीय सेहत पर गहरा असर डाला है। ताज़ा वैश्विक आंकड़ों के अनुसार, कई विकसित देश अपनी जीडीपी (GDP) से भी ज्यादा कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। आइए समझते हैं कि किस देश पर कितना सरकारी कर्ज है और इस सूची में भारत कहां खड़ा है।
जापान: कर्ज में दुनिया का नंबर-1 देश
Japan सरकारी कर्ज के मामले में दुनिया में सबसे ऊपर है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जापान पर कर्ज उसकी जीडीपी का लगभग 237% तक पहुंच चुका है। यानी देश जितना सालाना उत्पादन करता है, उससे दोगुने से भी ज्यादा का कर्ज सरकार पर है। जापान की अर्थव्यवस्था करीब 4.2 ट्रिलियन डॉलर की है, जबकि सरकारी कर्ज 8.6 ट्रिलियन डॉलर से अधिक बताया गया है। लंबे समय से धीमी आर्थिक वृद्धि, वृद्ध होती आबादी और बड़े पैमाने पर सरकारी खर्च इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। हालांकि जापान का अधिकांश कर्ज घरेलू निवेशकों के पास है, जिससे तत्काल बाहरी संकट का खतरा कम माना जाता है।
अमेरिका: दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, लेकिन भारी कर्ज
United States भी कर्ज के मामले में शीर्ष देशों में शामिल है। अमेरिका पर सरकारी कर्ज उसकी जीडीपी का लगभग 124% है। अमेरिका की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे बड़ी है, लेकिन रक्षा खर्च, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, टैक्स कटौती और कोविड के दौरान दिए गए प्रोत्साहन पैकेजों ने कर्ज का स्तर बढ़ा दिया। हालांकि डॉलर की वैश्विक हैसियत और मजबूत वित्तीय बाजार अमेरिका को उधार लेने में सहूलियत देते हैं, फिर भी बढ़ता कर्ज वहां की राजनीति में बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
🇸🇬🇬🇷🇮🇹 टॉप-5 में शामिल अन्य देश
Singapore पर सरकारी कर्ज जीडीपी का लगभग 173% है। इसके बाद Greece और Italy दोनों पर करीब 154% का कर्ज है। ग्रीस पहले भी कर्ज संकट का सामना कर चुका है, जबकि इटली की अर्थव्यवस्था लंबे समय से सुस्ती झेल रही है। इन देशों के लिए उच्च कर्ज का मतलब है कि ब्याज भुगतान पर भारी खर्च, जिससे विकास योजनाओं के लिए संसाधन सीमित हो जाते हैं।
🇫🇷🇨🇦🇧🇪🇪🇸🇬🇧 यूरोप और कनाडा की स्थिति
France पर कर्ज जीडीपी का लगभग 113% है, जबकि Canada पर 111% और Belgium पर 104% है। Spain पर 102% और United Kingdom तथा Portugal दोनों पर लगभग 93.6% कर्ज है। ये आंकड़े दिखाते हैं कि विकसित देशों में भी वित्तीय दबाव लगातार बना हुआ है।
चीन बनाम भारत: कौन बेहतर स्थिति में?
China पर सरकारी कर्ज उसकी जीडीपी का करीब 88.3% है। चीन की अर्थव्यवस्था विशाल है, लेकिन रियल एस्टेट संकट और स्थानीय सरकारों के बढ़ते कर्ज ने चिंता बढ़ाई है। वहीं India पर सरकारी कर्ज जीडीपी का लगभग 81.9% बताया गया है, जो चीन से कम है। भारत का कर्ज स्तर कई विकसित देशों की तुलना में कम है, लेकिन उभरती अर्थव्यवस्था होने के नाते वित्तीय अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा और सामाजिक योजनाओं पर खर्च बढ़ा है, जिससे कर्ज में इजाफा हुआ, लेकिन तेज आर्थिक वृद्धि दर इसे संतुलित करने में मदद कर रही है।
सबसे कम कर्ज वाले देश
कम कर्ज वाले देशों की सूची में Switzerland सबसे ऊपर है, जहां सरकारी कर्ज जीडीपी का केवल 15.7% है। Russia पर 16.4% कर्ज है। इसके अलावा Estonia, Bulgaria, Turkey और Saudi Arabia भी अपेक्षाकृत कम कर्ज वाले देशों में शामिल हैं। इन देशों में या तो सरकारी खर्च सीमित है या फिर राजस्व संग्रह बेहतर है।
कर्ज कितना चिंताजनक?
सरकारी कर्ज अपने आप में हमेशा नकारात्मक नहीं होता। यदि कर्ज का उपयोग इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य और उत्पादक क्षेत्रों में किया जाए, तो यह भविष्य की वृद्धि को बढ़ावा दे सकता है। समस्या तब होती है जब कर्ज का स्तर इतना बढ़ जाए कि ब्याज भुगतान ही बजट का बड़ा हिस्सा खा जाए। जापान और अमेरिका जैसे देशों के लिए चुनौती है कि वे विकास और वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखें। वहीं भारत के लिए यह अवसर है कि वह नियंत्रित कर्ज और तेज विकास दर के सहारे वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति और मजबूत करे । दुनिया के बड़े देशों पर बढ़ता कर्ज इस बात का संकेत है कि आने वाले वर्षों में वित्तीय प्रबंधन और आर्थिक सुधार सबसे बड़े मुद्दे बनने वाले हैं।





