Wednesday, September 16, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home धर्म

Holashtak : फाल्गुन में शुरू होगी सावधानी की अवधि, जानिए होलाष्टक की तिथि, महत्व और क्या करें–क्या न करें

DigitalDesk by DigitalDesk
February 17, 2026
in धर्म, मुख्य समाचार
0
Holashtak : फाल्गुन में शुरू होगी सावधानी की अवधि, जानिए होलाष्टक की तिथि, महत्व और क्या करें–क्या न करें
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

फाल्गुन मास 2026: होली और महाशिवरात्रि से पहले शुरू होगा आध्यात्मिक परिवर्तन का दौर

हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास का विशेष महत्व होता है। वर्ष 2026 में फाल्गुन महीने की शुरुआत 2 फरवरी 2026 से हो रही है। इसी महीने में महाशिवरात्रि और रंगों का पर्व होली मनाया जाता है, जिसका लोगों को पूरे साल इंतजार रहता है। लेकिन होली से पहले आने वाले आठ दिन बेहद संवेदनशील और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन्हीं आठ दिनों को होलाष्टक कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार यह अवधि नकारात्मक ऊर्जाओं से प्रभावित मानी जाती है, इसलिए इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

Related posts

New Delhi BRICS Summit Promoting globalization that benefits all

नई दिल्ली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: सभी के लिए लाभकारी वैश्वीकरण को बढ़ावा

September 15, 2026
शी चिनफिंग का बुनियादी अनुसंधान मजबूत करने पर लेख 'छ्यूशी ' पत्रिका में प्रकाशित होगा

शी चिनफिंग का बुनियादी अनुसंधान मजबूत करने पर लेख 'छ्यूशी ' पत्रिका में प्रकाशित होगा

September 15, 2026

Holashtak 2026: कब से कब तक रहेगी होलाष्टक की अवधि

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलाष्टक की शुरुआत फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होती है और इसका समापन फाल्गुन पूर्णिमा यानी होलिका दहन के दिन होता है। वर्ष 2026 में होलाष्टक 24 फरवरी से शुरू होकर 3 मार्च 2026 तक रहेंगे। इन आठ दिनों को ज्योतिष और धर्म शास्त्रों में अत्यंत अशुभ माना गया है। इसी कारण इस दौरान किसी भी तरह के शुभ, मांगलिक या नए कार्य शुरू करने से परहेज करने की परंपरा है।

होलाष्टक का पौराणिक महत्व: क्यों मानी जाती है यह अवधि अशुभ

होलाष्टक की मान्यता का संबंध प्राचीन पौराणिक कथा से जुड़ा हुआ है। कथा के अनुसार, राक्षस राजा हिरण्यकश्यप स्वयं को ईश्वर मानता था और चाहता था कि उसका पुत्र प्रह्लाद भी उसी की पूजा करे। लेकिन प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त था। हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को अपने वश में करने के लिए लगातार आठ दिनों तक भयानक यातनाएं दीं। इन्हीं आठ दिनों की स्मृति में होलाष्टक को जोड़ा जाता है। माना जाता है कि इस अवधि में नकारात्मक शक्तियां सक्रिय रहती हैं, इसलिए धार्मिक रूप से इसे अशुभ समय माना गया है।

होलाष्टक में किन कार्यों से दूरी बनाना जरूरी होता है

धार्मिक शास्त्रों में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि होलाष्टक के दौरान सोलह संस्कारों में से किसी भी संस्कार को नहीं करना चाहिए। इस समय विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन, जनेऊ संस्कार जैसे शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। इसके अलावा हवन, यज्ञ, बड़े धार्मिक अनुष्ठान और नए व्यापार या निवेश की शुरुआत भी नहीं की जाती। मान्यता है कि इस अवधि में किए गए शुभ कार्यों का फल उल्टा पड़ सकता है। यही कारण है कि ज्योतिषाचार्य और पंडित इन दिनों संयम और साधना का मार्ग अपनाने की सलाह देते हैं।

होलाष्टक में बरतें ये सावधानियां, नकारात्मक ऊर्जा से बचाव जरूरी

होलाष्टक के दौरान केवल मांगलिक कार्य ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में भी सतर्क रहने की आवश्यकता मानी जाती है। शास्त्रों के अनुसार इस अवधि में किसी अनजान व्यक्ति से कोई वस्तु न लें और न ही उसके द्वारा दिया गया भोजन ग्रहण करें। नई शादी हुई महिलाओं को इस समय अपने मायके में रहने की परंपरा भी कई स्थानों पर मानी जाती है। कहा जाता है कि इस दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है, इसलिए मानसिक और शारीरिक रूप से संयम बनाए रखना सबसे बेहतर उपाय माना गया है।

बसंत पंचमी से होली तक की परंपराएं और धार्मिक आस्था

होलाष्टक से पहले बसंत पंचमी से ही होली की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। कई धार्मिक स्थलों पर बसंत पंचमी के दिन होली का डंडा गाड़ने की परंपरा है। कुछ स्थानों पर भगवान शिव को बसंत पंचमी से लेकर होली तक गुलाल अर्पित किया जाता है। यह समय ऋतु परिवर्तन का भी होता है, जब सर्दी धीरे-धीरे विदा लेकर बसंत का स्वागत करती है। इसी बदलाव के साथ जीवन में भी सकारात्मकता लाने की कामना की जाती है, लेकिन होलाष्टक के आठ दिन इस उत्सव से पहले संयम का संदेश देते हैं।

Holi 2026: होलिका दहन और रंगों की होली की तिथि

वर्ष 2026 में होलिका दहन 3 मार्च को किया जाएगा, जबकि रंगों वाली होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 22 मिनट से रात 8 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। होलिका दहन के साथ ही होलाष्टक समाप्त हो जाते हैं और इसके बाद शुभ कार्यों की फिर से शुरुआत की जाती है। माना जाता है कि होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और इसी के साथ नकारात्मक शक्तियों का अंत हो जाता है।

Tags: #Holashtak2026 #Holi2026 #FalgunaMonth #HinduTradition #HoliKaDahan #SanatanDharma #IndianFestivals
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

“ब्रिक्स युवा संवाद” में फिल्मों पर खुलकर हुई बातचीत, अलग-अलग भाषाओं के युवाओं ने साझा किए अनुभव

“ब्रिक्स युवा संवाद” में फिल्मों पर खुलकर हुई बातचीत, अलग-अलग भाषाओं के युवाओं ने साझा किए अनुभव

“ब्रिक्स युवा संवाद” में फिल्मों पर खुलकर हुई बातचीत, अलग-अलग भाषाओं के युवाओं ने साझा किए अनुभव

मुख्य समाचार
clean chit for India or a reality check for Pakistan Why did Maryam Nawaz statement spark outrage in Khyber Pakhtunkhwa

4000 KM दूर से बालेश्वर पहुंचे 5 ओरंगुटान? जंगल में मिला ‘जंगल के इंसानों’ का झुंड, तस्करी का शक!

स्पेशल
Rohit Sharma के संन्यास की अटकलों के बीच BCCI की अहम बैठक, क्या 2027 वर्ल्ड कप खेलेंगे हिटमैन?

Rohit Sharma के संन्यास की अटकलों के बीच BCCI की अहम बैठक, क्या 2027 वर्ल्ड कप खेलेंगे हिटमैन?

मुख्य समाचार

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version