साल 2026 में शेयर बाजार अब तक काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। जनवरी के मध्य में शुरू हुआ नतीजों का सीजन, फरवरी में आए केंद्रीय बजट, भारत–अमेरिका ट्रेड समझौते और आईटी सेक्टर में बिकवाली—इन सभी घटनाओं ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया। इस माहौल में निवेशकों की खरीदारी बेहद चुनिंदा रही है।
जहां एक तरफ बीएसई सेंसेक्स साल 2026 में अब तक करीब 2% की गिरावट में है, वहीं State Bank of India (SBI) के शेयरों ने इसी अवधि में लगभग 22% की जोरदार बढ़त दर्ज की है। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल उठ रहा है—क्या SBI में आई यह तेजी अब थमने वाली है या फिर यह एक नए लीडर के रूप में उभर रहा है?
बाजार के बीच SBI की अलग पहचान
अस्थिर बाजार के बावजूद SBI का प्रदर्शन मजबूत रहा है। जब कई सेक्टर दबाव में नजर आए, तब SBI के शेयरों ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा। इसका मुख्य कारण बैंक की स्थिर कमाई, मजबूत बैलेंस शीट और बड़े स्तर पर जमा आधार माना जा रहा है।
वित्तीय प्रदर्शन रहा दमदार
SBI के हालिया वित्तीय आंकड़े इसकी मजबूती को साफ दिखाते हैं।
FY23 से FY25 के बीच बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) लगातार बढ़ी है। मार्जिन के मोर्चे पर भी स्थिति संतुलित रही है, जहां नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) करीब 2.8–2.9% के दायरे में बना हुआ है।
इसके चलते बैंक का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 18–19% और रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) करीब 1.1% पर स्थिर रहा, जो किसी बड़े सरकारी बैंक के लिए मजबूत संकेत माने जाते हैं।
डिपॉजिट ग्रोथ बनी बड़ी ताकत
SBI की सबसे बड़ी ताकत उसका विशाल डिपॉजिट बेस है। मार्च 2025 को खत्म हुए वित्त वर्ष में बैंक की कुल जमा राशि करीब ₹53.82 ट्रिलियन रही, जिसमें सालाना आधार पर 9.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
खास बात यह है कि सेविंग अकाउंट बैलेंस बढ़कर लगभग ₹17 ट्रिलियन तक पहुंच गया है, जो कम लागत वाली फंडिंग को मजबूत करता है और मुनाफे में सहायक बनता है।
आगे की राह: तेजी खत्म या नई शुरुआत?
SBI का शेयर जिस तरह कमजोर बाजार में भी मजबूती दिखा रहा है, उससे संकेत मिलते हैं कि यह सिर्फ एक शॉर्ट-टर्म रैली नहीं हो सकती। मजबूत फंडामेंटल्स, स्थिर कमाई और डिपॉजिट ग्रोथ इसे लंबी अवधि में भी सहारा दे सकते हैं। हालांकि, बाजार की अस्थिरता और वैश्विक संकेतों पर नजर रखना निवेशकों के लिए जरूरी रहेगा।
नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। liveindia.news अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।





