मजहब देखकर नहीं बरसती मां सरस्वती की कृपा—सीएम योगी
उत्तराखंड की देवभूमि से एक प्रेरक संदेश देते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मां सरस्वती की कृपा किसी जाति, मत, मजहब या वर्ग को देखकर नहीं बरसती, बल्कि वह मेहनत, सकारात्मक सोच और सही दिशा में किए गए प्रयासों का फल होती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भेदभाव किसी देवी-देवता की कृपा में नहीं, बल्कि मनुष्य की सोच में होता है। जो व्यक्ति सीखना चाहता है, आगे बढ़ना चाहता है, उस पर ज्ञान और विवेक की कृपा स्वतः बरसती है।
नकारात्मक सोच बनती है पतन का कारण
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सकारात्मकता और नकारात्मकता के फर्क को जीवन की दिशा तय करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि नकारात्मक सोच व्यक्ति को पतन और दुर्गति की ओर ले जाती है, जबकि सकारात्मक दृष्टिकोण प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है। यह हर व्यक्ति को स्वयं तय करना होता है कि वह प्रगति की ओर बढ़ना चाहता है या दुर्गति की ओर। यदि जीवन में आगे बढ़ना है, तो सोच को सकारात्मक बनाना ही होगा।
सीमा के पहरेदार हैं देवभूमि के युवा
उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि बताते हुए कहा कि यह भूमि केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय योगदान के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां का युवा देश की सीमाओं पर तैनात रहकर राष्ट्र की रक्षा करता है और जीवन के हर क्षेत्र में अपनी प्रभावी उपस्थिति से समाज और देश को नई दिशा देता है। उत्तराखंड के हिमालय से निकलने वाला जल पूरे उत्तर भारत की भूमि को उपजाऊ बनाता है और देश की खाद्यान्न सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहाकहा कि सरकार का प्रयास है कि हर स्तर पर मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो और इसके लिए सहयोग भी दिया जा रहा है। लेकिन यह हम सबका दायित्व है कि सरकार द्वारा दिए गए संसाधनों और योजनाओं का सही उपयोग किया जाए। विशेष रूप से बच्चों को गांव में रहकर शिक्षा से जोड़ने की प्रवृत्ति को मजबूत करने की जरूरत है, क्योंकि गांव हमारी सभ्यता की जड़ हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि किसी भी पेड़ की मजबूती उसकी जड़ों पर निर्भर करती है। जड़ें जितनी गहरी और मजबूत होंगी, पेड़ उतना ही फलता-फूलता रहेगा। इसी तरह अगर गांव रूपी जड़ कमजोर होंगी, तो समाज और देश किसी भी संकट या तूफान की चपेट में आ सकता है। इसलिए गांवों को पलायन से बचाना और उन्हें शिक्षा, नवाचार और शोध के केंद्र के रूप में विकसित करना समय की आवश्यकता है।
सरकार पर निर्भर गांव का विकास,यह सबसे बड़ी चिंता
सीएम योगी आदित्यनाथ ने ग्राम स्वराज की अवधारणा को याद करते हुए कहा कि कभी गांव आत्मनिर्भर हुआ करते थे। बचपन के दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उस समय गांवों की सरकार पर निर्भरता लगभग शून्य थी। सड़क से लेकर अन्य सामूहिक कार्य गांव के लोग मिलकर कर लेते थे। आज हालात बदल गए हैं और गांवों की निर्भरता सरकार पर लगातार बढ़ती जा रही है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि पहले जनप्रतिनिधि चुनाव के समय ही गांवों में दिखाई देते थे, लेकिन आज संवाद बढ़ा है। यह सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसके साथ-साथ समाज में यह प्रवृत्ति भी बढ़ी है कि हर समस्या के लिए सरकार को दोष दिया जाए। आत्मनिर्भरता की जगह पर निर्भरता बढ़ना स्वस्थ समाज के लिए ठीक नहीं है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने वर्तमान सामाजिक हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि आज आपसी कलह, पारिवारिक विवाद और हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। यह वास्तविक विकास नहीं, बल्कि नकारात्मकता और भौतिकता से उपजी दुर्गति है। इससे बचने के लिए शिक्षा संस्थानों को मजबूत करना होगा और शिक्षकों को सरकार के साथ तालमेल बनाकर मेहनत करनी होगी।
उन्होंने शिक्षा को बदलाव का सबसे बड़ा माध्यम बताते हुए कहा कि प्रयास और अभ्यास से सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है। उत्तराखंड के पास आगे बढ़ने के लिए अपार अवसर हैं और यदि सही दिशा में प्रयास तेज किए जाएं, तो आने वाले समय में युवाओं को अनेक नए अवसर मिलेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह गरीब बच्चों को सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर वे नीट जैसी कठिन परीक्षाओं में सफलता हासिल कर मेडिकल कॉलेजों तक पहुंच रहे हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि सकारात्मक सोच, निरंतर प्रयास और मजबूत शिक्षा व्यवस्था से समाज और देश का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सकता है।





