Budget 2026 Live Updates: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर्तव्य भवन पहुंचीं, 11 बजे पेश करेंगी लगातार नौवां बजट
नई दिल्ली: देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला केंद्रीय बजट 2026 आज 1 फरवरी को पेश किया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने बहुप्रतीक्षित बजट भाषण से पहले कर्तव्य भवन पहुंच चुकी हैं। सुबह से ही संसद परिसर और देशभर में बजट को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार है जब भारत का आम बजट रविवार के दिन पेश किया जा रहा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सुबह अपने आवास से निकलकर वित्त मंत्रालय के लिए रवाना हुईं। इसके बाद वह कर्तव्य भवन पहुंचीं, जहां से वे संसद जाकर लोकसभा में बजट भाषण देंगी। गौरतलब है कि पहले वित्त मंत्रालय नॉर्थ ब्लॉक से संचालित होता था, लेकिन अब इसका कामकाज जनपथ स्थित कर्तव्य भवन से किया जा रहा है।
11 बजे शुरू होगा बजट भाषण, टैक्स और फिस्कल नीति पर सबकी नजर
बजट भाषण सुबह 11 बजे लोकसभा में शुरू होगा। इस दौरान टैक्स स्लैब, महंगाई से राहत, मध्यम वर्ग के लिए घोषणाएं, रोजगार सृजन और सरकार की वित्तीय रणनीति (Fiscal Strategy) पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। आम जनता से लेकर उद्योग जगत, निवेशक और अर्थशास्त्री इस बजट से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठे हैं। यह बजट इसलिए भी खास है क्योंकि निर्मला सीतारमण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार नौवीं बार बजट पेश कर रही हैं। इसके साथ ही वह पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के रिकॉर्ड की बराबरी करेंगी और प्रणब मुखर्जी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगी।
इकोनॉमिक सर्वे 2026: अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेत
गुरुवार को संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2026 (Economic Survey 2026) के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2026 (FY26) में 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। वहीं, वित्त वर्ष 2027 (FY27) में विकास दर 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रह सकती है। आर्थिक सर्वे के मुताबिक, यह वृद्धि नियामक सुधारों (Regulatory Reforms), मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक आधार और निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देने की वजह से संभव होगी। सरकार ने निजी निवेश को दोबारा गति देने की जरूरत पर जोर दिया है, ताकि रोजगार और उत्पादन दोनों में इजाफा हो सके।
सबसे लंबा बजट भाषण देने का रिकॉर्ड भी सीतारमण के नाम
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम एक और रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने 2020 में देश का सबसे लंबा बजट भाषण दिया था। उस समय उनका बजट भाषण 2 घंटे 42 मिनट तक चला था, जो भारतीय संसदीय इतिहास का अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण माना जाता है। आज के बजट को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं कि भाषण लंबा हो सकता है, क्योंकि सरकार आर्थिक सुधारों, विकास योजनाओं और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से बात कर सकती है।
रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा खास फोकस
Union Budget 2026 में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजगार सृजन और विकास की रफ्तार बनाए रखने की है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बजट में सरकार राजकोषीय अनुशासन (Fiscal Prudence) बनाए रखते हुए विकासोन्मुख कदम उठा सकती है। Bloomberg News द्वारा किए गए अर्थशास्त्रियों के सर्वे के अनुसार, सरकार सड़क, बंदरगाह और रेलवे जैसे बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर खर्च बढ़ा सकती है। इससे न केवल मांग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की रणनीति
वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिका की ओर से लगाए गए ऊंचे टैरिफ और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है। बजट 2026 में ऐसे कदमों की घोषणा की जा सकती है, जो भारत को बाहरी झटकों से बचाने में मदद करें। NDA सरकार का लक्ष्य दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत बनाए रखना है। इसके लिए घरेलू मांग, निवेश और उत्पादन को बढ़ावा देने वाली नीतियों पर जोर दिया जा सकता है।
आम जनता और मध्यम वर्ग की उम्मीदें
इस बजट से मध्यम वर्ग, नौकरीपेशा लोगों और छोटे कारोबारियों को बड़ी उम्मीदें हैं। टैक्स में राहत, महंगाई पर नियंत्रण और रोजगार के नए अवसर—ये सभी मुद्दे बजट 2026 के केंद्र में रहने की संभावना है। अब सभी की निगाहें सुबह 11 बजे शुरू होने वाले बजट भाषण पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो जाएगा कि सरकार आने वाले वित्त वर्ष में देश की आर्थिक दिशा किस ओर ले जाना चाहती है।





