सुनेत्रा पवार इन दिनों महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा का बड़ा नाम बन चुकी हैं। वह दिवंगत अजित पवार की पत्नी हैं और एनसीपी (अजित गुट) से राज्यसभा सांसद भी हैं। पति के निधन के बाद अब उन्हें एनसीपी अजित गुट का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जा रहा है और कयास लगाए जा रहे हैं कि वह महाराष्ट्र की अगली उपमुख्यमंत्री बन सकती हैं।
सुनेत्रा पवार का जन्म धाराशिव जिले के टेर गांव में हुआ। उनके पिता स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे और गांव के प्रभावशाली लोगों में गिने जाते थे। सामाजिक सेवा और जनसरोकार की समझ उन्हें बचपन से ही मिली। पिता के साथ गांव-गांव घूमकर लोगों से मिलना उनकी आदत रही, जिसने उनके व्यक्तित्व को गढ़ा।
1980 में सुनेत्रा की शादी अजित पवार से हुई। शादी के बाद वह बारामती आ गईं। जब शरद पवार मुख्यमंत्री बने, तब अजित और सुनेत्रा सीएम हाउस में भी रहे। राजनीति से दूर रहते हुए भी सुनेत्रा हमेशा सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहीं।
उनके सामाजिक जीवन की शुरुआत ग्राम स्वच्छता अभियान से हुई। संत गाडगे बाबा ग्राम स्वच्छता अभियान से प्रेरित होकर उन्होंने काटेवाड़ी गांव को निर्मलग्राम बनाने का बीड़ा उठाया। शुरुआत में विरोध हुआ, लेकिन लगातार प्रयासों से गांव की तस्वीर बदल गई। इसके बाद उन्होंने 86 गांवों में निर्मलग्राम अभियान चलाया।
महिलाओं के रोजगार के लिए उन्होंने बारामती में टेक्सटाइल पार्क शुरू कराया, जहां करीब 15 हजार महिलाएं काम कर रही हैं। इसके अलावा वह विद्या प्रतिष्ठान की ट्रस्टी हैं और पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘एनवायरनमेंटल फोरम ऑफ इंडिया’ के जरिए जल संरक्षण और वृक्षारोपण पर काम कर रही हैं।




