DSP Kalpana Verma Case: खुफिया जानकारी लीक करने के आरोप, 1400 पेज की जांच रिपोर्ट से बढ़ी मुश्किलें, नौकरी पर संकट
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस की चर्चित महिला अधिकारी डीएसपी कल्पना वर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह बेहद गंभीर है। उनके खिलाफ तैयार की गई करीब 1400 पन्नों की जांच रिपोर्ट में ऐसे खुलासे होने का दावा किया गया है, जिनके आधार पर राज्य सरकार और गृह विभाग बड़ा कदम उठा सकता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में डीएसपी कल्पना वर्मा पर नक्सलियों से जुड़ी खुफिया जानकारियां लीक करने, एक कारोबारी से अवैध लेन-देन और पदस्थापना स्थल से बिना सूचना गायब रहने जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। इस रिपोर्ट की पूरी फाइल आईजी रायपुर को सौंप दी गई है।
खुफिया इनपुट लीक करने के आरोप
जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि डीएसपी कल्पना वर्मा ने अपने निजी संबंधों के दौरान कुछ ऐसे संवेदनशील इनपुट्स साझा किए, जिन्हें किसी भी हाल में बाहर नहीं जाना चाहिए था। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके मोबाइल और व्हाट्सएप चैट्स से नक्सल ऑपरेशंस से जुड़ी जानकारियों के आदान-प्रदान के संकेत मिले हैं। हालांकि, यह सभी बातें जांच रिपोर्ट में दर्ज आरोपों के रूप में सामने आई हैं और आधिकारिक पुष्टि तथा अंतिम निर्णय अभी शेष है।
कारोबारी दीपक टंडन से संबंध
डीएसपी कल्पना वर्मा का नाम पिछले साल दिसंबर में उस वक्त चर्चा में आया था, जब कारोबारी दीपक टंडन ने उन पर प्रेम संबंध बनाकर करीब 2 करोड़ रुपये नकद और कीमती सामान हड़पने का आरोप लगाया था। जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कल्पना वर्मा को कारोबारी के अकाउंट से करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन हुए, जिनकी बैंक डिटेल्स और डिजिटल साक्ष्य फाइल का हिस्सा हैं। रिपोर्ट में नकदी, गहनों और महंगे होटलों से जुड़े खर्चों का भी जिक्र है।
ब्रेकअप के बाद नया विवाद
जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि कारोबारी दीपक टंडन से कथित ब्रेकअप के बाद डीएसपी कल्पना वर्मा का संपर्क एक डीएफओ (वन विभाग के अधिकारी) से बढ़ा। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों के बीच लगातार व्हाट्सएप चैट्स होती थीं। इस मामले ने तब और तूल पकड़ा, जब यह सामने आया कि संबंधित डीएफओ ने अपनी पत्नी से तलाक ले लिया था और वह कल्पना वर्मा से विवाह करना चाहता था। हालांकि, ये सभी तथ्य भी जांच रिपोर्ट में दर्ज आरोप और विवरण हैं, जिनकी न्यायिक पुष्टि होना बाकी है।
मोबाइल से मिले अहम सबूत
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान डीएसपी कल्पना वर्मा के मोबाइल फोन से कई अहम जानकारियां मिली हैं। इनमें व्हाट्सएप चैट्स, बैंक ट्रांजेक्शन, कैश और जेवरात से जुड़े संदेश शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन सबूतों के आधार पर उनका निलंबन लगभग तय माना जा रहा है और विभागीय कार्रवाई में उनकी नौकरी भी जा सकती है।
पदस्थापना के दौरान लापरवाही के आरोप
जांच रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि डीएसपी कल्पना वर्मा अपनी पदस्थापना के दौरान कई बार ड्यूटी स्थल से बिना सूचना गायब रहीं। दंतेवाड़ा में तैनाती के दौरान वह कथित तौर पर वहां नियमित रूप से उपस्थित नहीं थीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां-जहां उनकी पोस्टिंग हुई, वहां से उनके लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के प्रमाण मिले हैं।
आईजी रायपुर को सौंपी गई रिपोर्ट
पूरी जांच रिपोर्ट अब आईजी रायपुर के पास है। पुलिस और गृह विभाग के सूत्रों की मानें तो अगले एक-दो दिन में बड़ी कार्रवाई संभव है। निलंबन से लेकर विभागीय जांच और बर्खास्तगी तक के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अंतिम फैसला जांच रिपोर्ट के कानूनी परीक्षण और उच्च स्तर पर विचार के बाद ही लिया जाएगा।
पहले भी आमने-सामने आए थे आरोप
गौरतलब है कि दिसंबर में जब यह मामला सामने आया था, तब कारोबारी दीपक टंडन और डीएसपी कल्पना वर्मा दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए थे। कारोबारी ने जहां ठगी और ब्लैकमेलिंग की बात कही थी, वहीं डीएसपी कल्पना वर्मा ने पलटवार करते हुए कारोबारी पर साजिश और चरित्र हनन के आरोप लगाए थे। उस दौरान कारोबारी के कथित सीसीटीवी फुटेज और चैट्स भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। फिलहाल, डीएसपी कल्पना वर्मा का मामला जांच और प्रशासनिक निर्णय के दौर में है। पुलिस विभाग और गृह मंत्रालय की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। यह मामला न केवल एक वरिष्ठ महिला अधिकारी के करियर, बल्कि पुलिस की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तंत्र की विश्वसनीयता से भी जुड़ा माना जा रहा है। अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार क्या सख्त कदम उठाती है।





