नई दिल्ली/प्रयागराज। मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सभी नागरिकों के कल्याण की कामना की है। उन्होंने कहा कि यह पर्व तप, त्याग, साधना और दान से जुड़ा हुआ है और ऐसे अवसर समाज में सकारात्मकता और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं। प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर एक पोस्ट साझा करते हुए मौनी अमावस्या की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि यह पर्व आत्मसंयम, ध्यान और परोपकार का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने मां गंगा से प्रार्थना की कि वे देश के सभी नागरिकों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आएं।
मौनी अमावस्या पर प्रियंका गांधी का संदेश
मौनी अमावस्या की शुभकामनाएं
गंगा से सबका कल्याण
योगी का श्रद्धालुओं स्वागत
संगम पर उमड़ा जनसैलाब
कड़ी सुरक्षा, प्रशासन सतर्क
प्रियंका गांधी का भावनात्मक संदेश
प्रियंका गांधी ने अपने संदेश में कहा, “तप, त्याग, ध्यान और दान को समर्पित पावन पर्व मौनी अमावस्या की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।” उन्होंने आगे लिखा कि मोक्षदायिनी मां गंगा सभी देशवासियों का कल्याण करें और हर व्यक्ति के जीवन में खुशहाली आए। उन्होंने अपने संदेश के अंत में “हर हर गंगे” का जयघोष भी किया। उनके इस संदेश को सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने साझा किया और प्रतिक्रिया दी।
मौनी अमावस्या का धार्मिक महत्व
मौनी अमावस्या हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है। इस दिन मौन व्रत, गंगा स्नान, दान-पुण्य और तपस्या को अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन संगम या पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि हर वर्ष इस अवसर पर प्रयागराज, हरिद्वार, वाराणसी और अन्य तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
मुख्यमंत्री योगी का श्रद्धालुओं को संदेश
इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मौनी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने संगम पहुंचने वाले अखाड़ों, धर्माचार्यों, संतों, साधकों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आस्था और विश्वास का महान पर्व है, जो समाज को नई ऊर्जा और संकल्प प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री योगी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मां गंगा और भगवान सूर्य की कृपा से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों और जीवन में नई ऊर्जा, नया उत्साह और नया संकल्प जागृत हो। उन्होंने भी अपने संदेश का समापन “हर हर गंगे” के उद्घोष के साथ किया।
संगम पर श्रद्धालुओं का सैलाब
मौनी अमावस्या के मौके पर प्रयागराज के संगम घाट पर श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब देखने को मिला। रविवार तड़के से ही लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए घाटों की ओर बढ़ते नजर आए। प्रशासन के अनुसार शनिवार शाम 6 बजे से लेकर रविवार सुबह 4 बजे तक करीब 50 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए संगम घाट पर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस, पीएसी, जल पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार तैनात रहीं। घाटों पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके।
प्रयागराज के पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने बताया कि घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
कोहरे के बीच भी नहीं थमी आस्था
रात से ही प्रयागराज और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। लोग परिवार और समूहों में संगम पहुंचते रहे और पवित्र स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे घाटों पर अनुशासन बनाए रखें, सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
आस्था, एकता और शांति का संदेश
मौनी अमावस्या के अवसर पर देश के राजनीतिक और सामाजिक नेताओं के संदेशों ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, शांति और कल्याण की भावना को भी मजबूत करता है। मां गंगा के तट पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब इसी सामूहिक विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक बनकर सामने आया।





