महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों में वोटों की गिनती जारी है और सभी की नजर मुंबई की बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) पर टिकी हुई है। शुरुआती रुझानों में यहां कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद कमजोर नजर आ रहा है, जबकि भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने मिलकर बढ़त बना ली है।
BMC चुनाव में किसका पलड़ा भारी?
मुंबई के कुल 227 वार्डों में से भाजपा 88 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना 31 वार्डों में बढ़त बनाए हुए है। इन दोनों दलों ने मिलकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। दूसरी ओर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के समर्थक उम्मीदवार करीब 70 वार्डों में आगे चल रहे हैं।
BMC चुनाव राज्यभर में पार्टियों का हाल
दोपहर एक बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, पूरे महाराष्ट्र में कांग्रेस 171 वार्डों में आगे है, जिससे वह तीसरे नंबर की पार्टी बन गई है। इस मामले में भाजपा 848 वार्डों के साथ पहले स्थान पर है, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना 213 वार्डों के साथ दूसरे स्थान पर बनी हुई है। एनसीपी में अजित पवार अपने चाचा शरद पवार की तुलना में मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं। शुरुआती रुझानों में ठाकरे परिवार की पकड़ भी कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है।
BMC चुनाव कांग्रेस की बिगड़ती स्थिति
मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों में कांग्रेस सिर्फ पांच-पांच सीटों पर आगे चल रही है। ठाणे में पार्टी दो वार्डों तक सिमट गई है, जबकि नवी मुंबई में अभी तक उसका खाता भी नहीं खुल सका है। इसके अलावा पिंपरी-चिंचवड़, वसई-विरार, उल्हासनगर, नांदेड़ वाघाला, जलगांव, अहिल्यानगर, धुले और कल्याण-डोंबिवली में भी कांग्रेस का प्रदर्शन शून्य पर अटका हुआ है। पनवेल में पार्टी को सिर्फ एक सीट मिलने की उम्मीद है।
कहां दिखी कांग्रेस की ताकत
हालांकि कुछ नगर निगमों में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया है। भिवंडी निजामपुर, अमरावती, चंद्रपुर और लातूर में कांग्रेस सबसे आगे है और यहां नियंत्रण पाने की कोशिश कर रही है। मीरा भायंदर में भी पार्टी आठ सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। नागपुर और कोल्हापुर में कांग्रेस दूसरे नंबर पर है, जहां नागपुर में 22 और कोल्हापुर में 23 वार्डों में आगे चल रही है।
नोट- यहां दिए गए आकड़ें दोपहर एक बजे तक के चुनाव परिणाम पर आधारित हैं।




