कड़ाके की ठंड के लिए रहें तैयार, दिल्ली-पंजाब में गिरेगा पारा
कई राज्यों में शीतलहर और घने कोहरे का अलर्ट
नई दिल्ली। देश के बड़े हिस्से में सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक ठंडी हवाओं के साथ तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह और रात के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस हो रहा है, वहीं घने कोहरे की वजह से जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है और कई राज्यों में शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है।
देशभर का मौसम – 7 जनवरी 2026
उत्तर भारत (North India)
दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश —
कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रभाव जारी रहेगा।
हिमाचल-उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र… हल्की बर्फबारी और बहुत ठंडा मौसम
मैदानी इलाकों में भी कोहरा और शीतलहर का असर
मध्य भारत (Central India)
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़
कोहरे और शीतलहर का प्रकोप जारी
सुबह-सुबह विजिबिलिटी काफी कम
पूर्व भारत (East India)
बिहार, झारखंड, उत्तर बंगाल
ठंड और कोहरा की स्थिति जारी
दिन भर का मौसम ठंडा बने रहने की संभावना
पश्चिम भारत (West India)
राजस्थान —
सिरोही, पाली, जयपुर जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान बहुत कम रह सकता है।
सुबह-सुबह घना कोहरा तथा शीतलहर की चेतावनी।
दक्षिण भारत (South India)
तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र-तेलंगाना
आमतौर पर मौसम ठंडी धूप के साथ सुखद रहेगा।
कुछ क्षेत्रीय हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश/आंधी-बारिश की गतिविधि का अनुमान है।
पूर्वोत्तर क्षेत्र (NE India)
असम, मेघालय, नागालैंड
सुबह-सुबह कोहरा और ठंडी स्थिति रहेगी बनी
पहाड़ी हिस्सों में मौसम ठंडा रहेगा
IMD के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे इन इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार हैं। राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में सुबह के समय हल्के से घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर असर पड़ सकता है।
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी सर्दी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जम्मू-कश्मीर में बीते 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। वहीं उत्तराखंड में तापमान 0 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि 6 से 7 जनवरी के बीच उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में पाला पड़ सकता है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना है।
IMD के अनुसार, 7 से 9 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कई इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसके अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी कोहरे का असर देखने को मिल सकता है। सुबह के समय दृश्यता कम रहने से वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने शीतलहर को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। IMD के मुताबिक, 7 से 9 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और ओडिशा के कुछ इलाकों में शीतलहर चल सकती है। इसके साथ ही राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी शीतलहर की प्रबल संभावना जताई गई है। इन राज्यों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे जा सकता है, जिससे ठंड का असर और तेज होगा।
मध्य भारत के राज्यों में भी सर्दी का असर साफ नजर आने लगा है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह के समय कोहरे की वजह से दृश्यता कम हो रही है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों को पाले और अत्यधिक ठंड से बचाने के लिए जरूरी उपाय करें। पूर्वी भारत की बात करें तो झारखंड और ओडिशा के कुछ इलाकों में भी शीतलहर का असर देखने को मिल सकता है। यहां ठंडी हवाओं के साथ तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है। बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी सुबह के समय कोहरा छा सकता है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
जहां उत्तर और मध्य भारत ठंड की चपेट में हैं, वहीं दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है। IMD के अनुसार, 9 और 11 जनवरी को तमिलनाडु और केरल के अलग-अलग इलाकों में भारी से भारी बारिश की संभावना है। इन राज्यों में बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के कारण बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। भारी बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की हिदायत दी गई है। वाहन चालकों को कोहरे के दौरान धीमी गति से चलने और फॉग लाइट का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग रूप दिखा रहा है। उत्तर और मध्य भारत में जहां कड़ाके की ठंड, शीतलहर और कोहरे ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, वहीं दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। आने वाले दिनों में मौसम और ज्यादा सख्त हो सकता है, ऐसे में सावधानी और सतर्कता बेहद जरूरी है।





