कौन थे महाराजा बिजली पासी, कहां स्थित है उनका किला और क्यों PM मोदी ने किया उल्लेख—अब बदलेगी सूरत, बनेगा वर्ल्ड क्लास पर्यटन स्थल
लखनऊ। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12वीं सदी के वीर योद्धा महाराजा बिजली पासी को श्रद्धांजलि देकर एक बार फिर उनके ऐतिहासिक योगदान को राष्ट्रीय विमर्श में ला दिया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में न केवल महाराजा बिजली पासी की वीरता, सुशासन और समावेशी दृष्टि को याद किया, बल्कि यह भी बताया कि लखनऊ का प्रसिद्ध बिजली पासी किला कार्यक्रम स्थल से अधिक दूर नहीं है। प्रधानमंत्री के इस उल्लेख के बाद एक बार फिर यह किला चर्चा में आ गया है, जिसे विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पहले से ही तैयार की जा चुकी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महाराजा बिजली पासी की जयंती भी इसी दिन है और उनका जीवन साहस, न्याय और समाज को साथ लेकर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने महाराजा बिजली पासी के सम्मान में डाक टिकट जारी कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई थी। पीएम मोदी के इस बयान से खास तौर पर पासी समाज में उत्साह देखा गया है और लोगों को उम्मीद है कि किले के विकास की योजनाएं अब तेज़ी से आगे बढ़ेंगी।
कहां स्थित है महाराजा बिजली पासी का किला
महाराजा बिजली पासी का ऐतिहासिक किला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में स्थित है। यह शहर के दक्षिणी हिस्से में कानपुर हाईवे के किनारे बना हुआ है। स्थानीय लोग इसे पासी किला या जलालाबाद किला के नाम से भी जानते हैं। किला एक ऊंचे मिट्टी के टीले पर स्थित है, जहां से आसपास का दृश्य बेहद आकर्षक दिखाई देता है। ऊंचाई के कारण यह स्थान सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता था।
वर्तमान समय में यह किला उपेक्षा का शिकार है और खंडहर जैसी स्थिति में पहुंच चुका है। किले के अधिकांश हिस्से जर्जर हो चुके हैं, चारों ओर झाड़ियां और घास उग आई हैं। रखरखाव के अभाव में इसकी ऐतिहासिक पहचान धीरे-धीरे धुंधली होती जा रही है। हालांकि, इसके बावजूद यह स्थल आज भी पासी समाज की आस्था और गौरव का प्रतीक बना हुआ है। किले की चोटी से लखनऊ शहर का विहंगम दृश्य देखा जा सकता है, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार शाम के बाद यहां जाना सुरक्षित नहीं माना जाता।
पर्यटकों के लिए यह किला सीमित समय के लिए खुला रहता है। सोमवार से शनिवार तक सुबह 6 से 9 बजे और दोपहर 3 से 5 बजे तक यहां प्रवेश किया जा सकता है, जबकि रविवार को किला बंद रहता है।
होगा विकास…बनेगा वर्ल्ड क्लास स्थल
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने वर्ष 2024 में महाराजा बिजली पासी किले के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए लगभग 19 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति दी थी। इस योजना का उद्देश्य किले को एक विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है, ताकि यह न केवल इतिहास प्रेमियों बल्कि आम पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सके।
योजना के तहत किले में लाइट एंड साउंड शो की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें महाराजा बिजली पासी की वीरगाथा, उनके संघर्ष और शासनकाल की कहानी आधुनिक तकनीक के माध्यम से दिखाई जाएगी। इसके अलावा बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, पर्यटकों के लिए वॉकवे, कैंटीन, पब्लिक टॉयलेट, फसाड लाइटिंग और समग्र सौंदर्यीकरण जैसे कार्य प्रस्तावित हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन सुविधाओं के विकसित होने से सभी आयु वर्ग के लोग यहां आकर इतिहास से जुड़ सकेंगे।
हालांकि, वर्ष 2025 तक किले में बड़े स्तर पर बदलाव की तस्वीर सामने नहीं आई है, लेकिन पर्यटन विभाग का दावा है कि योजना प्रक्रिया में है और आने वाले समय में काम तेज़ किया जाएगा।
महाराजा बिजली पासी…पराक्रमी योद्धा और शासक
महाराजा बिजली पासी को 12वीं सदी (1148 से 1184 ई.) का एक पराक्रमी योद्धा और शासक माना जाता है। उन्होंने अवध क्षेत्र के बड़े हिस्से पर शासन किया और अन्याय व अत्याचार के खिलाफ संघर्ष के लिए पहचाने गए। ऐतिहासिक कथाओं के अनुसार, महाराजा बिजली पासी ने अपने शासनकाल में 12 किलों का निर्माण कराया था, जिनमें लखनऊ स्थित यह किला सबसे प्रमुख माना जाता है।
पासी समुदाय उन्हें अपने गौरव के प्रतीक के रूप में देखता है। उनके जीवन और संघर्ष को लेकर समय-समय पर सामाजिक और राजनीतिक मंचों पर कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी उनकी जयंती पर उन्हें दलित समाज के गौरव के रूप में याद किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महाराजा बिजली पासी का उल्लेख किए जाने से न केवल उनके ऐतिहासिक महत्व को नई पहचान मिली है, बल्कि यह उम्मीद भी जगी है कि लखनऊ का यह उपेक्षित किला जल्द ही अपने पुराने वैभव के करीब पहुंचेगा। यदि प्रस्तावित योजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में महाराजा बिजली पासी किला उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जा सकता है।





