लेखपाल भर्ती पर सख्त हुए मुख्यमंत्री योगी, श्रेणीवार रिक्तियों में हो सकता है बदलाव
लखनऊ।उत्तर प्रदेश में लेखपाल भर्ती को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर राजस्व परिषद सक्रिय हो गई है। परिषद ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) को एक सप्ताह के भीतर लेखपाल पदों से जुड़ा संशोधित और स्पष्ट पद विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया के बाद श्रेणीवार रिक्तियों में भी बदलाव संभव है।
शिकायतों के बाद बढ़ी सख्ती
दरअसल, लेखपाल भर्ती के अधियाचन (रिक्विजिशन) को लेकर अभ्यर्थियों और विभिन्न संगठनों की ओर से लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। आरोप था कि पदों की श्रेणीवार स्थिति, मंडलवार आवंटन और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की समीक्षा की और अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री का साफ कहना है कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में भ्रम, अस्पष्टता या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता है कि युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नौकरी मिले।
राजस्व परिषद ने भेजा पत्र
मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही आयुक्त, राजस्व परिषद ने UPSSSC को एक औपचारिक पत्र भेजा है। इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि लेखपाल भर्ती से संबंधित संशोधित, स्पष्ट और अद्यतन जानकारी एक सप्ताह के भीतर आयोग को उपलब्ध कराई जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आगे की चयन प्रक्रिया में किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन न आए।
राजस्व परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि अधियाचन में जो भी सुधार जरूरी हैं, उन्हें समय रहते ठीक किया जाएगा, ताकि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप हो।
7,994 लेखपाल पदों पर भर्ती
UPSSSC द्वारा जारी विज्ञापन संख्या–02/परीक्षा/2025 (दिनांक 16 दिसंबर 2025) के तहत राज्य में 7,994 लेखपाल पदों पर भर्ती की जानी है। यह भर्ती लंबे समय बाद हो रही है, ऐसे में लाखों अभ्यर्थियों की नजर इस प्रक्रिया पर टिकी हुई है। बड़ी संख्या में पद होने के कारण यह भर्ती प्रदेश के युवाओं के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि राजस्व लेखपाल का पद मंडल स्तरीय संवर्ग का होता है। यानी लेखपाल की नियुक्ति और तैनाती मंडल स्तर पर की जाती है, न कि जिले या राज्य स्तर पर। इसके साथ ही यह भी साफ किया गया है कि इस पद पर नियुक्ति का अधिकार उपजिलाधिकारी (SDM) के पास होता है।
श्रेणीवार रिक्तियों में बदलाव की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, अधियाचन में सुधार के दौरान श्रेणीवार रिक्तियों—जैसे सामान्य, ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग—की संख्या में भी बदलाव हो सकता है। यह बदलाव मंडलवार पदों की वास्तविक स्थिति और आरक्षण नियमों के अनुपालन को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। यदि ऐसा होता है तो पहले से जारी आंकड़ों में आंशिक संशोधन संभव है।
हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि किसी भी बदलाव से पहले आयोग को पूरी और स्पष्ट जानकारी दी जाएगी, ताकि अभ्यर्थियों को किसी तरह की असमंजस की स्थिति का सामना न करना पड़े।
पारदर्शिता पर सरकार का जोर
योगी सरकार पहले ही कई भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को लेकर सख्त रुख अपना चुकी है। नकल विरोधी कानून, डिजिटल निगरानी और समयबद्ध परीक्षाओं के जरिए सरकार ने यह संदेश दिया है कि भर्तियों में किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लेखपाल भर्ती को लेकर भी यही नीति अपनाई जा रही है।
राजस्व परिषद और UPSSSC के बीच समन्वय बढ़ाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि विज्ञापन, परीक्षा, चयन और नियुक्ति—हर चरण पूरी तरह स्पष्ट और नियमसम्मत हो।
अभ्यर्थियों में उम्मीद
लेखपाल भर्ती में संशोधन की खबर से अभ्यर्थियों के बीच उम्मीद जगी है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि पदों और श्रेणीवार विवरण को पहले ही साफ कर दिया जाए तो चयन प्रक्रिया ज्यादा भरोसेमंद बनती है। इससे न केवल विवाद कम होते हैं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया भी समय पर पूरी हो पाती है।
आगे क्या?
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राजस्व परिषद एक सप्ताह के भीतर UPSSSC को क्या संशोधित विवरण भेजती है। इसके बाद आयोग आगे की प्रक्रिया—जैसे परीक्षा तिथि, पाठ्यक्रम और चयन प्रक्रिया—को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।
कुल मिलाकर, लेखपाल भर्ती को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती यह संकेत देती है कि सरकार इस प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना चाहती है। आने वाले दिनों में संशोधित अधियाचन के साथ तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को राहत मिल सकेगी।




