अटलजी की जयंती पर मिलेगी लखनऊ को ये बड़ी सौगात…सड़क पर दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक डबल-डेकर बसें…नवाबी शहर की सैर अब होगी और भी खास
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी में पर्यटन को नई उड़ान देने के लिए योगी सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जैवीर सिंह ने मंगलवार को घोषणा की कि 25 दिसंबर से लखनऊ में इलेक्ट्रिक डबल-डेकर बस सेवा शुरू की जाएगी। यह बस विशेष रूप से शहर के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों की सैर कराने के लिए चलाई जाएगी।
मंत्री ने बताया कि यह बस राजधानी के प्रमुख चौराहे 1090 क्रॉसिंग से संचालित होगी। यहां से पर्यटकों और श्रद्धालुओं को शहर के प्राचीन, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर स्थलों की व्यवस्थित तरीके से सैर कराई जाएगी। मंत्री ने कहा, “बस में प्रशिक्षित गाइड तैनात होंगे, जो यात्रियों को लखनऊ के इतिहास, परंपराओं, स्थापत्य, संस्कृति और धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।”
25 दिसंबर को होगा शुभारंभ – अटल जी की जयंती पर विशेष कार्यक्रम
डबल-डेकर बस सेवा की शुरुआत 25 दिसंबर को प्रस्तावित है, जो भारत रत्न और देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती का दिन है। सरकार इस अवसर को विशेष बनाते हुए लखनऊ को एक नई पर्यटन सुविधा देने जा रही है।
मंत्री ने बताया कि बस सेवा के रूट और किराए के संबंध में निर्णय आगे की चर्चा के बाद लिए जाएंगे।
विभागीय समीक्षा बैठक में दिए महत्वपूर्ण निर्देश
जैवीर सिंह मंगलवार को पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उन्होंने विभाग के चल रहे सभी विकास कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि सभी लंबित परियोजनाएं 31 दिसंबर 2025 तक, और अधिकतम फरवरी 2026 तक हर हाल में पूरी कर ली जाएं। उन्होंने वर्ष 2025-26 के वित्तीय वर्ष के कार्ययोजना को भी तेजी से आगे बढ़ाने और आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
पर्यटन ढांचे को मजबूती देने पर जोर
पर्यटन मंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों में पर्यटन ढांचे को सुदृढ़ किया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर परियोजना में वित्तीय अनुशासन, समय पर कार्य निष्पादन और गुणवत्ता प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने पुनः स्पष्ट किया कि किसी भी निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। यदि कहीं निम्नस्तरीय सामग्री का उपयोग पाया गया, तो ठेकेदार और कार्यकारी एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हर प्रोजेक्ट पर लगेगी सूचना बोर्ड, मोबाइल नंबर भी अनिवार्य
समीक्षा बैठक में मंत्री ने निर्देश दिया कि जहां-जहां पर्यटन और संस्कृति विभाग के निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां सूचना बोर्ड लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि इन बोर्डों के माध्यम से आने वाले पर्यटक और आम जनता परियोजना से जुड़े सभी तथ्यों और उसके ऐतिहासिक महत्व को आसानी से समझ सकें।
रामलीला मैदानों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्देश
मंत्री जैवीर सिंह ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में चल रहे रामलीला मैदानों की बाउंड्रीवॉल निर्माण कार्यों को 31 दिसंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया। इसमें हारदोई, एटा, अलीगढ़, पीलीभीत, फिरोजाबाद, मैनपुरी और अमरोहा शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बड़े रामलीला मैदानों में पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए शौचालय परिसर भी बनाए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पूरे प्रदेश के रामलीला स्थलों की बाउंड्रीवॉल का डिजाइन एक समान हो, जिसमें सनातन परंपरा के प्रतीकात्मक तत्व दर्शाते हुए सौंदर्य बढ़ाया जाए। यह डिज़ाइन अब राज्यभर के सभी रामलीला स्थलों पर लागू किया जाएगा।
प्रदेश में पर्यटन को नई पहचान
इलेक्ट्रिक डबल-डेकर बस सेवा लखनऊ के पर्यटन नक्शे पर एक नया आयाम जोड़ने जा रही है। यह न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि देशी-विदेशी पर्यटकों को नवाबी शहर की खूबसूरती और गौरव को करीब से दिखाने का नया माध्यम बनेगी। सरकार का दावा है कि इस नई बस सेवा से लखनऊ में पर्यटन बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर बनेंगे, और शहर की ऐतिहासिक पहचान को नए रूप में प्रस्तुत किया जा सकेगा। 25 दिसंबर को इस योजना के शुभारंभ के साथ लखनऊ में पर्यटन क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है—जिसे सरकार शहर की पहचान और संस्कृति से जोड़कर बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रही है।





