कड़ाके की सर्दी का असर….14 दिसंबर तक कई राज्यों में स्कूलों की छुट्टियाँ घोषित
देशभर में मौसम का मिज़ाज अचानक बदल गया है। पहाड़ी क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी राज्यों में भी कड़ाके की सर्दी ने दस्तक दे दी है। रात और सुबह के तापमान में लगातार गिरावट हो रही है। कई इलाकों में घना कोहरा छाने लगा है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण के कुछ हिस्सों तक चल रही ठंडी हवाएँ आम जनजीवन पर असर डाल रही हैं। ऐसे में स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। सुबह-सुबह जमा देने वाली ठंड में बच्चे स्कूल पहुँचने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। इसी वजह से कई राज्यों ने 11 से 14 दिसंबर तक स्कूलों में छुट्टियाँ घोषित की हैं।
कई राज्यों में शीतलहर का प्रकोप, स्कूल बंद
दिसंबर के महीने में सामान्यतः ठंड बढ़ती है, लेकिन इस बार नवंबर के अंत से ही तापमान लगातार नीचे जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, कई राज्यों में शीतलहर और शीत-दिन की स्थिति बनी हुई है। सुबह-सुबह कई शहरों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई है।
इस मौसम के चलते बच्चों पर बढ़ते असर को देखते हुए कुछ राज्यों और जिलों ने 11 दिसंबर से 14 दिसंबर तक स्कूल बंद करने का निर्णय लिया है।
केरल में 11 दिसंबर को अवकाश
केरल में स्थानीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण के चलते 11 दिसंबर को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। इसके अलावा, केरल और तमिलनाडु के कुछ बारिश प्रभावित जिलों में लगातार खराब मौसम, पानी भरने और परिवहन बाधित होने के कारण 11 से 14 दिसंबर तक छुट्टियां रखने के आदेश जारी किए गए हैं।
भारी बारिश के कारण कई जिलों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
जम्मू-कश्मीर में ठंड और बर्फबारी का असर, लंबी छुट्टियाँ
जम्मू-कश्मीर में इस समय सर्दी अपने चरम पर है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी बढ़ गई है और तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे पहुंच गया है। इसी कारण प्रशासन ने स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है।
11, 12, 13 और 14 दिसंबर को छुट्टी
जम्मू-कश्मीर के विंटर ज़ोन क्षेत्रों में 11 से 14 दिसंबर तक स्कूल बंद रहेंगे। इसके साथ ही, पहले से घोषित लम्बी शीतकालीन छुट्टियों की समय-सारणी इस प्रकार है प्री-प्राइमरी कक्षाएं: 26 नवंबर 2025 से 28 फ़रवरी 2026 तक बंद
कक्षा 1 से 8: 1 दिसंबर 2025 से 28 फ़रवरी 2026 तक अवकाश
कक्षा 9 से 12: 11 दिसंबर 2025 से 22 फ़रवरी 2026 तक अवकाश
यह निर्णय शीतलहर, बर्फबारी और जन-जीवन पर पड़े असर को देखते हुए लिया गया है।
तमिलनाडु और केरल के वर्षा-प्रभावित जिले भी बंद
तमिलनाडु और केरल के कुछ दक्षिणी हिस्से पिछले कई दिनों से बारिश से जूझ रहे हैं। लगातार वर्षा, तेज हवाओं और जलजमाव के कारण बच्चों का स्कूल पहुँचना कठिन हो गया था। प्रशासन ने 11 से 14 दिसंबर तक स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। बारिश के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित है और कई सड़कों पर पानी भरा हुआ है, जिससे सुरक्षा खतरा बढ़ गया है।
बच्चों में खुशी, माता-पिता और शिक्षकों को राहत
इन छुट्टियों की घोषणा ने बच्चों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। ठिठुरती सुबहों में स्कूल जाने की चिंता से उन्हें राहत मिली है। खासतौर पर छोटे बच्चों के लिए यह छुट्टियाँ काफी राहत लेकर आई हैं।माता-पिता भी जल्द शुरू हो रही छुट्टियों से खुश हैं, क्योंकि सुबह-सुबह बच्चों को इतने ठंडे मौसम में स्कूल भेजना उनके लिए चुनौती बन गया था। शिक्षक भी मानते हैं कि इस तरह के मौसम में पढ़ाई की गति वैसे भी धीमी पड़ जाती है, ऐसे में स्कूल बंद करना एक बेहतर निर्णय है।
अन्य राज्यों में भी बढ़ी छुट्टियों की मांग
उत्तर भारत के कई राज्यों जैसे—उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी शीतलहर तेज होती जा रही है। इन क्षेत्रों में भी बच्चों के माता-पिता और अभिभावकों की तरफ से छुट्टियों की मांग उठने लगी है। हालांकि अधिकांश राज्यों ने अभी आधिकारिक रूप से छुट्टियों की घोषणा नहीं की है, लेकिन मौसम और कोहरे की स्थिति को देखते हुए अगले कुछ दिनों में अन्य प्रदेश भी ऐसी घोषणा कर सकते हैं।
देश के कई हिस्से कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे की चपेट में हैं। बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए कई राज्यों ने 11 से 14 दिसंबर तक स्कूल बंद कर सुरक्षित और स्वास्थ्यपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने का कदम उठाया है। मौसम की कठोरता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया यह निर्णय अभिभावकों, शिक्षकों और छात्रों—सभी के लिए राहत लेकर आया है। यदि तापमान इसी तरह गिरता रहा, तो आने वाले दिनों में और राज्यों में भी शीतकालीन छुट्टियों की घोषणा होने की संभावना है।





