IndiGo फ्लाइट संकट… 3900 उड़ानें रद्द, DGCA ने CEO-COO को तलब किया — जवाब तलब, जांच तेज
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo इन दिनों अभूतपूर्व ऑपरेशनल संकट से गुजर रही है। पिछले छह दिनों में एयरलाइन ने करीब 3900 उड़ानें रद्द कीं, जिससे हजारों यात्रियों की यात्राएँ बाधित हुईं, एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी की स्थिति बनी और शिकायतों का ढेर लग गया। इसी गंभीर हालात पर अब नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने कड़ा रुख अपनाते हुए एयरलाइन के शीर्ष अधिकारियों पर शिकंजा कस दिया है।
DGCA ने IndiGo के CEO और COO को समन जारी किया है, जिन्हें आज मंगलवार को पूछताछ में शामिल होना अनिवार्य होगा। पूछताछ के दौरान एयरलाइन को ऑपरेशनल विफलता, क्रू प्रबंधन और उड़ान ड्यूटी नियमों में गड़बड़ी से जुड़े सवालों का जवाब देना होगा।
DGCA की 4 सदस्यीय हाई-लेवल समिति करेगी पूछताछ
फ्लाइट कैंसिलेशन संकट की गहराई का पता लगाने के लिए DGCA ने एक 4 सदस्यीय उच्च-स्तरीय जांच समिति बनाई है। यह समिति कारणों की जाँच कर रही है कि आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने छह दिनों में इतनी बड़ी संख्या में उड़ान रद्द होने की नौबत ला दी। समिति में संजय के. ब्रह्मणे — ज्वाइंट डायरेक्टर जनरल, अमित गुप्ता — डिप्टी डायरेक्टर जनरल, कैप्टन कपिल मांगलिक — सीनियर फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर और कैप्टन लोकेश रामपाल — फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर शामिल हैं। यह टीम न केवल रद्द उड़ानों की पूरी रिपोर्ट तैयार करेगी, बल्कि क्रू प्लानिंग, स्टाफ उपलब्धता, ऑपरेशनल तैयारी और नए फ्लाइट ड्यूटी नियमों की भी जांच करेगी।
समिति का प्रमुख उद्देश्य यह जानना है कि क्या एयरलाइन ने ड्यूटी नियमों का गलत पालन किया? क्या क्रू की कमी से ऑपरेशंस प्रभावित हुए? क्या इंडिगो प्रबंधन ने समय रहते विकल्प तैयार नहीं किए? क्या यात्रियों को समय पर जानकारी दी गई या नियमों का उल्लंघन हुआ? DGCA की चेतावनी: समय पर जवाब नहीं दिया तो होगी सख्त कार्रवाई
DGCA पहले ही IndiGo को शो-कॉज नोटिस भेज चुका है और रविवार को 24 घंटे की अतिरिक्त मोहलत देते हुए यह भी साफ कर दिया था कि अब कोई और समय नहीं दिया जाएगा। नियमों के तहत जवाब नहीं मिलने की स्थिति में DGCA एयरलाइन के खिलाफ एकतरफा एक्शन कर सकता है, जिसमें भारी जुर्माना, रूट पर नियंत्रण या संचालन संबंधी प्रतिबंध शामिल हो सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक DGCA, IndiGo के अतिरिक्त रूट कम करने पर भी विचार कर रहा है ताकि एयरलाइन को अपनी क्षमता के अनुरूप उड़ानें संचालित करने के लिए मजबूर किया जा सके।
यात्रियों को बड़ी राहत: अब तक 610 करोड़ रुपये के रिफंड
लगातार उड़ानें रद्द होने से देशभर में यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शनिवार और रविवार को कई प्रमुख हवाईअड्डों—दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता—पर यात्रियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने पिछले दिनों एयरलाइन, DGCA और हवाईअड्डा प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
मंत्री ने बताया छह दिन में रद्द या बुरी तरह लेट हुई उड़ानों के यात्रियों को IndiGo ने अब तक 610 करोड़ रुपये का रिफंड प्रोसेस कर दिया है। मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि सरकार हालात को सामान्य करने के लिए रोजाना निगरानी कर रही है और यात्रियों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
क्या कारण बना 3900 उड़ानें रद्द होने का?
IndiGo ने आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया कि अचानक इतने बड़े पैमाने पर उड़ानें क्यों रद्द करनी पड़ीं। DGCA की जांच में जिन कारणों की पहले से चर्चा चल रही है।
क्रू की भारी कमी
नए ड्यूटी और रेस्ट नियम लागू होने की वजह से शेड्यूल बिगड़ना
ऑपरेशनल मिसमैनेजमेंट कंपनी के अंदरूनी असंतोष के कारण स्टाफ की अनुपस्थिति। जाँच समिति अगले 24–48 घंटों में इन सभी पहलुओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
यात्रियों की मुश्किलें: टिकट महँगे, लंबी कतारें, कई शहरों में अफरा-तफरी। उड़ानों के बड़े पैमाने पर रद्द होने का असर सीधे यात्रियों पर पड़ा कई यात्रियों को घंटों एयरपोर्ट पर फंसना पड़ा। तत्काल टिकट बेहद महंगे हो गए। त्योहार और शादी के सीजन में यात्रा योजना बिगड़ गई। इंटरनेशनल ट्रांजिट यात्रियों का कनेक्शन मिस हो गया। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर एयरलाइन की शिकायतों से DGCA को टैग कर मदद की गुहार लगाई।
पूछताछ पर टिकी नजर
आज मंगलवार को होने वाली DGCA की आधिकारिक पूछताछ इस पूरे मामले का निर्णायक मोड़ साबित होगी। यदि IndiGo संतोषजनक जवाब नहीं देती एयरलाइन पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है। संचालन क्षमता पर प्रतिबंध लग सकता है। भविष्य में उड़ान शेड्यूल की कड़ी निगरानी होगी। उधर IndiGo का दावा है कि वह स्थिति सुधारने में जुटी है और जल्द ही सभी उड़ानें सामान्य रूप से चलनी शुरू हो जाएँगी।





