जीएमसी में मैगी विवाद ने लिया हिंसक रूप, रॉड-डंडों से भिड़े 24 छात्र; दो गंभीर, 15 निलंबित
भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में शुक्रवार देर रात ऐसा हंगामा हुआ, जिसकी चर्चा पूरे शहर में हो रही है। प्रदेश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में शामिल जीएमसी के 24 छात्रों के बीच मामूली-सी बात — मैगी पहले किसे मिले — पर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट, तोड़फोड़ और ICU तक पहुंच गया। कॉलेज प्रशासन ने घटना को बेहद गंभीर मानते हुए 15 छात्रों को तत्काल प्रभाव से हॉस्टल से निलंबित कर दिया है।
रेटिना फेस्ट से लौटते समय भड़का विवाद
जानकारी के मुताबिक, एमबीबीएस के दो गुट भोपाल एम्स के ‘रेटिना फेस्ट’ में शामिल होने के बाद देर रात करीब 4–5 दिसंबर की दरमियानी रात हॉस्टल लौट रहे थे। रास्ते में सभी कैफे पहुंचे और मैगी बनाने का ऑर्डर दिया। इसी दौरान एक गुट ने कहा कि उन्हें पहले मैगी दी जाए, जबकि दूसरा गुट पहले से ऑर्डर दे चुका था।
पहले मैगी किसे मिले — इस छोटी-सी बात पर कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते मामला तू-तू मैं-मैं से हाथापाई में बदल गया। रॉड और डंडों से हमला, दो छात्र ICU में भर्ती। विवाद बढ़ा तो दोनों गुटों के छात्रों ने रॉड और डंडे उठा लिए। करीब दो दर्जन छात्र आपस में भिड़ गए, कैफे में तोड़फोड़ भी हुई।
पारस मरैया
डॉ.शैलेष चौधरी
दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। डॉ. शैलेष को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा, जबकि पारस को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। कई छात्र छोटे-बड़े रूप से घायल हुए हैं।
नशे में धुत थे कई छात्र..पुलिस ने दर्ज किया मामला
कोहेफिजा थाना पुलिस को घटना की सूचना मिलने के बाद दोनों गुटों ने लिखित शिकायत पुलिस को सौंप दी। पुलिस ने जांच में पाया कि कुछ छात्र नशे में धुत थे, जिसकी वजह से माहौल अचानक बिगड़ा और बहस हिंसा में बदल गई। मारपीट और तोड़फोड़ का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब घटना की गंभीरता को देखते हुए CCTV फुटेज भी खंगाल रही है। 15 छात्र हॉस्टल से निलंबित, कमरा खाली करने का आदेश। घटना के बाद जीएमसी प्रबंधन ने आपात बैठक बुलाई। अनुशासन समिति ने दोषी पाए गए 15 छात्रों को तुरंत हॉस्टल से निलंबित करते हुए कमरा खाली करने का नोटिस जारी किया।
निलंबित छात्रों
अमन पांडे — MBBS 2023
देव रघुवंशी — MBBS 2023
विवेक मालवीय — MBBS 2023
पार्थ पाटीदार — MBBS 2024
शशांक पाटीदार — MBBS 2024
निखिल गौड़ — MBBS 2024
पुष्पेंद्र कैन — MBBS 2024
ओम बजाज — MBBS 2024
आदर्श चौधरी — MBBS 2024
ऋषभ दामने — MBBS 2024
मधुर तिवारी — MBBS 2024
शिवम महावर — MBBS 2024
राहुल घाकड़ — MBBS 2024
इकलेश धाकड़ — MBBS 2024
अजय ब्राह्मणे — MBBS 2024
प्रबंधन का कहना है कि कॉलेज में अनुशासन से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्यों भड़कता है इस तरह का विवाद?
कैंपस में इस तरह की घटनाओं के पीछे कई कारण सामने आते हैं छात्रों में बढ़ता तनाव और प्रतियोगिता। देर रात समूहों का बनना। नशे के सेवन से बिगड़ता माहौल। फेस्ट या आयोजनों के दौरान भावनाओं का उफान। विशेषज्ञ मानते हैं कि मेडिकल कॉलेजों में अध्ययन का दबाव पहले से ही अधिक होता है। ऐसे में छोटी-छोटी बातों पर विवाद अचानक बढ़ जाना आम हो गया है।
जीएमसी प्रबंधन सख्त, निगरानी बढ़ाई जाएगी
कॉलेज प्रशासन अब कैंपस सुरक्षा और हॉस्टल प्रबंधन को मजबूत करने की तैयारी में है। देर रात कैफे विज़िट और नशे के मामलों पर खास निगरानी होगी। हॉस्टल वार्डन को भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी गतिविधि पर तुरंत रिपोर्ट करें।
एक प्लेट मैगी पर शुरू हुआ विवाद जिस तरह हिंसा में बदला, उसने जीएमसी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की छवि पर गंभीर सवाल उठाए हैं। दो छात्रों का ICU में पहुंचना और 15 का निलंबित होना इस बात का संकेत है कि अनुशासनहीनता को लेकर कॉलेजों को और सख्त होने की जरूरत है। पुलिस जांच जारी है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।





