मौसम रिपोर्ट — उत्तर भारत में पड़ी ठंड, दक्षिण में बारिश का कोहराम
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड ने एक बार फिर दस्तक दे दी है। पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर लगातार जारी है, और इसी का असर मैदानी इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी यूपी और राजस्थान तक तापमान तेजी से गिरा है। मौसम विभाग ने 4 दिसंबर से अगले कुछ दिनों तक शीतलहर का अलर्ट जारी कर दिया है।
इस कड़ाके की ठंड के पीछे मुख्य वजह है—हिमालयी क्षेत्रों में हो रही ताजा बर्फबारी। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में लगातार हो रहे हिमपात ने न केवल पहाड़ों को सफेद चादर से ढक दिया है, बल्कि सर्द हवाओं को उत्तर भारत की ओर धकेल दिया है।
उत्तर भारत पर पहाड़ों की बर्फबारी का बड़ा असर
मौसम विभाग के अनुसार 4 और 5 दिसंबर को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे जम्मू-कश्मीर, सोनमार्ग, गुलमर्ग, डोडा, किन्नौर, लाहौल–स्पीति और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में मध्यम से भारी हिमपात संभव है।
बर्फबारी का यह दौर मैदानी राज्यों में तापमान को और गिरा देगा। सुबह और देर शाम कड़ाके की ठंड महसूस होगी, जबकि रात का पारा सामान्य से 3–5 डिग्री नीचे जा सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में ठंड और कोहरा बढ़ेगा
दिल्ली में इस समय दिन का तापमान करीब 23°C और रात का तापमान 6°C तक पहुंच गया है, जो दिसंबर के पहले सप्ताह के हिसाब से काफी कम है। हवा की दिशा उत्तरी बनी हुई है, और पहाड़ों से आती ठंडी बर्फीली हवा वातावरण को और ठंडा कर रही है। मौसम विभाग का कहना है कि सुबह के समय घना कोहरा छा सकता है। दृश्यता 100–150 मीटर तक सीमित होने की संभावना। अगले 10 दिनों तक सर्दी में लगातार इजाफा होगा। दिल्ली-एनसीआर में इस बार पिछले पाँच वर्षों की तुलना में अधिक ठंडे दिसंबर के आसार दिख रहे हैं।
हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी यूपी में शीतलहर का अलर्ट
उत्तर भारत के सबसे ठंडे जिलों में शामिल हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी यूपी में तापमान अचानक गिरा है। इसके चलते इन राज्यों में शीतलहर और कोल्ड डे की स्थिति बनने लगी है।
मौसम विभाग ने अगले 10 दिनों के लिए चेतावनी दी है किन्यूनतम तापमान में 4–6 डिग्री की गिरावट होगी। सुबह–शाम की ठंड बेहद तीखी होगी। बुजुर्गों और बच्चों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई। गाड़ियों और ट्रेनों की रफ्तार कोहरा रोक सकता है।
पर्यटन स्थलों पर कड़ाके की ठंड—मनाली, मसूरी में पारा शून्य से नीचे है। जहां मैदानी इलाके ठंड से कांप रहे हैं, वहीं पहाड़ों की स्थिति और ज्यादा कठोर है। मनाली, लाहौल–स्पीति, केदारनाथ, बद्रीनाथ, औली, यमुनोत्री जैसे इलाकों में बर्फबारी के बाद तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे पहुंच गया है।
पर्यटकों की भीड़ बढ़ रही है, लेकिन प्रशासन ने सावधानी बरतने की अपील की है।
दक्षिण भारत में बारिश का प्रकोप—‘दितवाह’ कमजोर, लेकिन खतरा जारी
दक्षिण भारत का मौसम उत्तर से बिलकुल विपरीत है। यहाँ ठंड नहीं, बल्कि बारिश और तेज हवाओं ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। तमिलनाडु के तटीय जिलों चेन्नई, तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू और कांचीपुरम में बुधवार को भी भारी बारिश होती रही।
चेन्नई में जलभराव से हालात बिगड़े
लगातार हुई बारिश से रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। कई मुख्य सड़कें डूब गईं। यातायात कई घंटों तक ठप रहा। स्कूल–कॉलेज बंद रखने पड़े। मौसम विभाग का कहना है कि पहले सक्रिय चक्रवात “दितवाह” अब कमजोर होकर
गहरे निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया है, लेकिन उसका असर अभी भी लगातार बारिश के रूप में दिखाई दे रहा है।
दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने इस सिस्टम के कारण अगले 24–48 घंटों तक तमिलनाडु के तटों पर तेज हवाएं और मध्यम से भारी बारिश जारी रह सकती है। कोहरा और ठंडी हवाएं बिहार, झारखंड और बंगाल के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक रहने की संभावना है।
एक तरफ ठंड, दूसरी तरफ बारिश
उत्तर भारत शीतलहर की चपेट में है जबकि दक्षिण भारत बारिश और तूफानी मौसम झेल रहा है। 4 दिसंबर से उत्तरी राज्यों में ठंड और भी बढ़ेगी। वहीं दक्षिण में बारिश का दौर अगले दो दिनों तक चुनौती बना रहेगा। मौसम विभाग ने यात्रा करने वालों, बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
उत्तर भारत में दिसंबर का पहला हफ्ता ही तीखी सर्दी का अहसास दे रहा है, और जल्द ही हालात और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।





