मोहन कैबिनेट की बड़ी बैठक: नगरीय विकास योजना को 2026-27 तक बढ़ाया, 500 करोड़ की अतिरिक्त स्वीकृति
सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में अहम फैसले
भोपाल 2 दिसंबर 2025। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को विधानसभा के समिति कक्ष में मंत्रि-परिषद की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में नगरीय विकास, ग्रामीण संपर्कता और राज्य सेवा परीक्षा से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए गए।
मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना 2026-27 तक जारी
सरकार ने शहरी निकायों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचनात्मक निर्माण योजना को वर्ष 2026-27 तक जारी रखने का फैसला लिया है। इसके साथ ही अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
अब तक की प्रगति
कुल स्वीकृत परियोजनाएं — 1062
परियोजनाओं की कुल लागत — 1,070 करोड़ रुपये
पूर्ण परियोजनाएं — 325
प्रगतिरत — 407
DPR/निविदा प्रक्रिया में — 330
इन कार्यों को मिलता है लाभ
इस योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में—
पेयजल व्यवस्था
साफ-सफाई
स्ट्रीट लाइटें
मार्ग निर्माण
नाली निर्माण
श्मशान घाट विकास
सामुदायिक भवन
रैनबसेरा
खेल मैदान विकास
जैसे प्रमुख सार्वजनिक सुविधाओं को विकसित करने का कार्य होता है।।ग्रामीण संपर्कता योजना के अपूर्ण कार्यों को पूर्ण करने की मंजूरी। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश ग्रामीण संपर्कता बाह्य वित्त पोषित योजना के तहत बचे हुए अपूर्ण कार्यों को पूरा करने की अनुमति दी है।
इसके लिए पहले स्वीकृत राशि: 12 करोड़ 32 लाख रुपये
नई स्वीकृति: 9 करोड़ 45 लाख रुपये
इस प्रकार कुल राशि के साथ अब अपूर्ण सड़क एवं संपर्क कार्य शीघ्र पूरे कराए जाएंगे।
राज्य सेवा परीक्षा 2022: परिवहन उप निरीक्षक पद पर नियुक्ति के लिए नई शर्तें मंजूर
राज्य सेवा परीक्षा 2022 में परिवहन उप निरीक्षक (Transport Sub Inspector) पद के लिए चयनित 29 उम्मीदवारों में से 25 उम्मीदवारों के लिए सरकार ने संशोधित अहर्ता-शर्तें मंजूर कर दीं।
नई शर्तें क्या हैं?
उम्मीदवारों को 1 वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा। मान्य ड्राइविंग लाइसेंस के दस्तावेज 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने होंगे।
नियम का कड़ाई से पालन
यदि उम्मीदवार परिवीक्षा अवधि में आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करते, परिवीक्षा अवधि नहीं बढ़ेगी। सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि नियुक्ति उन्हीं उम्मीदवारों को दी जाएगी जो इन अनिवार्य शर्तों को समय-सीमा में पूरा करेंगे।
नगरीय विकास और प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़े कदम
मंत्रि-परिषद की इस बैठक ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की प्राथमिकता जारी रहेगी। ग्रामीण संपर्कता के अपूर्ण कार्य तेजी से पूर्ण होंगे। भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी और नियम-आधारित बनाने पर पूरा जोर है।





