IPS आशना चौधरी ने हरियाणा के IAS से रचाई शादी….बिना कोचिंग UPSC क्रैक कर बनाया था इतिहास
उत्तर प्रदेश कैडर की तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी आशना चौधरी एक बार फिर चर्चा में हैं। वजह है उनकी शादी, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता लगा हुआ है। आशना चौधरी ने हरियाणा कैडर के IAS अधिकारी अभिनव सिवाच के साथ विवाह कर लिया है। दोनों की शादी 27 नवंबर को सम्पन्न हुई, जबकि 29 नवंबर को हिसार के ट्यूलिप रिसॉर्ट में ग्रैंड डिनर प्रोग्राम आयोजित किया गया, जिसमें अफसरों, परिजनों और करीबी दोस्तों ने शिरकत की।
यह विवाह इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि दोनों अधिकारी न सिर्फ़ UPSC टॉपर रह चुके हैं, बल्कि दोनों ने अपनी मेहनत और समर्पण से प्रशासनिक सेवा में अलग मुकाम हासिल किया है।
दुल्हन बनीं यूपी कैडर की IPS आशना चौधरी
हापुड़ जिले के पिलखुवा से निकलकर देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC में शीर्ष स्थान हासिल करना—यह कहानी ही बताती है कि आशना कितनी मेहनती और दृढ़ निश्चयी हैं। आज वह उत्तर प्रदेश के मथुरा में सीओ के पद पर तैनात हैं और अपनी बेहतरीन कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं।
उनकी शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं, जिसमें वह ट्रेडिशनल लुक में बेहद ख़ूबसूरत नजर आ रही हैं। शादी पूरी तरह पारंपरिक रीति-रिवाजों से हुई, जिसमें दोनों परिवारों की खुशी साफ झलक रही थी।
हापुड़ से UPSC तक – आशना की प्रेरक यात्रा
आशना चौधरी की शुरुआत बिल्कुल साधारण परिवार से हुई। उनका बचपन और स्कूली शिक्षा गाजियाबाद में बीती। 12वीं उन्होंने ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम से पास की। पढ़ाई में शुरुआत से ही तेज रही आशना ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज (LSR) से इंग्लिश लिटरेचर में ऑनर्स किया।
ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने साउथ एशियन यूनिवर्सिटी, दिल्ली से इंटरनेशनल रिलेशंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इसी दौरान उन्होंने सिविल सेवा में जाने का फैसला लिया।
सबसे बड़ी बात उन्होंने बिना किसी कोचिंग के UPSC की तैयारी की। पहले दो प्रयास असफल रहे, लेकिन हार नहीं मानी। तीसरे प्रयास में साल 2023 में उन्होंने UPSC में ऑल इंडिया रैंक 116 हासिल की।
यह उपलब्धि उन्हें देशभर में चर्चा का विषय बना गई। कई स्टूडेंट्स के लिए वह प्रेरणा बन गईं। सबसे खास बात यह कि रैंक अच्छी होने के बावजूद उन्होंने IAS छोड़कर IPS सेवा चुनना पसंद किया, क्योंकि उन्हें कानून-व्यवस्था और फील्ड वर्क से गहरा लगाव था।
IAS अभिनव सिवाच – पति भी टॉपर, सेवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन
आशना के पति अभिनव सिवाच भी कमाल के अधिकारी हैं। वह 2022 बैच के IAS अफसर हैं और हरियाणा कैडर में तैनात हैं। मूल रूप से फतेहाबाद जिले के गोरखपुर गांव के रहने वाले अभिनव एक किसान परिवार से आते हैं।
अभिनव ने UPSC में ऑल इंडिया रैंक 12 हासिल की थी—जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। वर्तमान में वह कुरुक्षेत्र के पिहोवा में एसडीएम के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
उनके पिता सतबीर सिवाच गुरुग्राम में डीईटीसी रह चुके हैं और परिवार में शिक्षा और अनुशासन की मजबूत परंपरा रही है।
कैसे नजदीक आए दोनों? ट्रेनिंग में शुरू हुई प्रेम कहानी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आशना और अभिनव की मुलाकात मुसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में ट्रेनिंग के दौरान हुई थी। दोनों ने एक-दूसरे की सोच, कार्यशैली और व्यक्तित्व से प्रभावित होकर दोस्ती शुरू की, जो धीरे-धीरे गहरे रिश्ते में बदल गई। दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को सहर्ष स्वीकार किया और नवंबर 2025 में पूरे रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराया।
बिना कोचिंग UPSC क्रैक कर रच दिया इतिहास
आज के समय में जहां UPSC की तैयारी के लिए लाखों युवा कोचिंग सुविधाओं पर निर्भर रहते हैं, वहीं आशना ने खुद से पढ़कर इस कठिन परीक्षा को पार किया।
उन्होंने अपनी रणनीति तीन बिंदुओं पर आधारित रखी कांसेप्ट क्लैरिटी। नियमित उत्तर लेखन। करंट अफेयर्स पर मजबूत पकड़। आशना की यह सफलता बताती है कि संसाधनों से ज्यादा मायने रखता है—फोकस और निरंतर प्रयास।
दोनों की शादी पर बधाइयों की बौछार
सोशल मीडिया पर उनकी शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद लोग लगातार बधाइयाँ दे रहे हैं। कई युवा उन्हें प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं, खासकर वे विद्यार्थी जो बिना कोचिंग UPSC की तैयारी कर रहे हैं। शादी समारोह में प्रशासनिक जगत की कई हस्तियाँ, परिजन, और करीबी दोस्त शामिल हुए। हिसार स्थित ट्यूलिप रिसॉर्ट में आयोजित रिसेप्शन में दोनों अधिकारियों का भव्य स्वागत किया गया।
नई पीढ़ी के लिए रोल मॉडल
IPS आशना चौधरी और IAS अभिनव सिवाच की सफलता कहानी यह संदेश देती है कि साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं। मेहनत, अनुशासन और सही दिशा से असंभव कुछ नहीं। UPSC जैसी कठिन परीक्षा भी मजबूत इच्छाशक्ति से आसान हो सकती है। दोनों अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नई ऊँचाइयों को छू रहे हैं और अब साथ मिलकर समाज सेवा के नए आयाम स्थापित करने को तैयार हैं।





