1 दिसंबर 2025: देशभर का मौसम अपडेट
श्रीलंका में तबाही के बाद अब भारत की ओर तेजी से बढ़ता तूफान ‘दितवाह’
1 दिसंबर 2025 का दिन भारत के कई राज्यों के लिए मौसम के लिहाज़ से बेहद अहम साबित होने वाला है। श्रीलंका में कहर मचाने के बाद चक्रवाती तूफान दितवाह (Ditvaah) अब उत्तरी दिशा में बढ़ते हुए भारत के तटीय क्षेत्रों की ओर मंडरा रहा है। श्रीलंका में इस तुफान ने भारी तबाही मचाई है—190 से ज्यादा लोगों की मौत, सैकड़ों घायल और हजारों बेघर हो चुके हैं। समुद्र में ऊंची लहरें, लगातार बारिश और तेज़ हवाओं ने पूरे तटीय इलाकों को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
भारत ने भी इस गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत “ऑपरेशन सागर बंधु” शुरू कर दिया है। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल को राहत—बचाव के लिए श्रीलंका भेजा गया है। भोजन, दवाइयां और आवश्यक सामग्री भेजने के साथ विशेषज्ञ टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
अब तूफान दितवाह तेजी से भारत की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, तमिलनाडु और पुडुचेरी पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। चक्रवात के कारण भारी बारिश, तूफानी हवाएं और समुद्र में उफान की आशंका है। इसी को ध्यान में रखते हुए IMD ने दोनों राज्यों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
हालांकि इसका असर वहां तक ही सीमित नहीं रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तूफान की चपेट में आने वाले बादल और हवाएं कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल तक मौसम को प्रभावित कर सकती हैं। इन राज्यों में अगले 24 से 48 घंटे के भीतर हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
दिल्ली में सर्दी का पहला बड़ा झटका
उत्तर भारत की राजधानी दिल्ली में अब सर्दी ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। 1 दिसंबर को न्यूनतम तापमान सिंगल डिजिट में पहुंचने वाला है। यह संकेत है कि दिसंबर की शुरुआत बेहद ठंडी होने वाली है।
मौसम विभाग के अनुसार सुबह के समय ठंडी शुष्क हवाएं लोगों को परेशान करेंगी। दिन के समय हवा की रफ्तार 20–25 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। कोहरा अभी कम रहेगा, लेकिन तापमान लगातार नीचे जाएगा।
दिल्ली एनसीआर का समग्र मौसम अब पूरी तरह सर्दी के मोड में आ चुका है। कई क्षेत्रों में सुबह-सुबह ठंड बढ़ने और हाथ-पैर सुन्न होने जैसी स्थिति देखी जा सकती है।
यूपी में शीतलहर की दस्तक
उत्तर प्रदेश में भी सर्दी ने तेजी से पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तरी पछुआ हवाएं सोमवार से और ज्यादा मजबूत होंगी, जिससे ठंड का प्रभाव बढ़ेगा।
कई जिलों में शीतलहर अलर्ट जारी किया गया है।
कानपुर
इटावा
बरेली
लखनऊ
बाराबंकी
मुजफ्फरनगर
इन जिलों में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे जा सकता है। वहीं अधिकतम तापमान भी 20 डिग्री सेल्सियस के नीचे फिसलने की संभावना है। इस बदलाव के चलते सुबह-शाम गलन बढ़ेगी और दफ्तर-स्कूल जाने वालों को ठंड के कारण अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।
हिमाचल और उत्तराखंड में बढ़ेगी ठिठुरन
पहाड़ी राज्यों में मौसम और अधिक सख्त रूप दिखाने वाला है।
हिमाचल प्रदेश में अगले 3 से 4 दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 5 डिग्री की गिरावट। बिलासपुर और मंडी के कई इलाकों में घना कोहरा। ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना।
यह स्थिति पर्यटकों के लिए रोमांचकारी जरूर है, लेकिन स्थानीय निवासियों के लिए कठिनाइयां बढ़ा सकती है।
उत्तराखंड में 1 दिसंबर से यहां भी ठंड तेजी से बढ़ेगी।
नैनीताल, मसूरी, रुद्रप्रयाग और चमोली में कड़ाके की ठंड।
सुबह-सुबह तेज ठंडी हवाएं। कुछ क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि पहाड़ी इलाकों में जाते समय गर्म कपड़े और जरूरी दवाइयों का ध्यान जरूर रखें।
बिहार में भी पारा गिरने की चेतावनी
बिहार में सर्दी का पहला बड़ा दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दिसंबर के पहले सप्ताह में तापमान तेजी से गिरेगा। अभी न्यूनतम तापमान कई जगह 13 डिग्री दर्ज किया जा रहा है, लेकिन 1 दिसंबर से यह गिरकर 11–12 डिग्री तक आ सकता है।
सीमांचल और मिथिलांचल के जिलों में तापमान में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिलेगी। राजधानी पटना में भी 1 दिसंबर से न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के पास पहुंचने की उम्मीद है। सर्द हवाओं के कारण सुबह के समय लोगों को ठिठुरन का अनुभव होगा और बुजुर्गों एवं बच्चों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।
अन्य राज्यों का मौसम एक नजर
राजस्थान: रातें अत्यधिक ठंडी, तापमान 6–8 डिग्री तक गिर सकता है।
मध्यप्रदेश: पाला गिरने की संभावना, ग्वालियर-चंबल में ठंड बढ़ेगी।
झारखंड: सुबह-शाम ठंड, लेकिन दिन सामान्य।
छत्तीसगढ़: उत्तरी हवा से तापमान में गिरावट।
महाराष्ट्र: विदर्भ में हल्का कोहरा।
कुल मिलाकर देशभर में मौसम का रुख देश का मौसम अब पूरी तरह से सर्दी के मोड़ पर आ चुका है। जहां एक ओर दक्षिण भारत तूफान दितवाह के खतरे से घिरा है, वहीं उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। तटीय इलाकों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक मौसम में जोरदार बदलाव देखने को मिलेगा। लोगों को स्वास्थ्य, यात्रा और दिनचर्या में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।





