हितग्राही योजनाओं का लाभ हर पात्र तक पहुँचे — मुख्य सचिव जैन की जिलों को सख्त हिदायत
मध्यप्रदेश शासन ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि कल्याणकारी योजनाओं का असली लाभ तब ही मिलेगा जब प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ जमीन पर काम करेगा। शुक्रवार को मंत्रालय में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि आमजन से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए पूरे समन्वय के साथ काम किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई पिछली कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस के निर्णयों की समीक्षा की गई और विभागवार प्रेजेंटेशन लिए गए।
स्वास्थ्य व महिला-बाल विकास योजनाओं पर सख्ती
मुख्य सचिव जैन ने स्वास्थ्य सेवाओं और पोषण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि जिले की स्वास्थ्य एवं पोषण समिति की बैठक हर माह अनिवार्य रूप से हो।
जिला चिकित्सालय और अन्य सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण नियमित हो। रोगी कल्याण सुविधाओं की गुणवत्ता में किसी भी तरह की कमी न रहे। उन्होंने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में हुई कमी की सराहना की, साथ ही सिकलसेल उन्मूलन और टीबी नियंत्रण में और बेहतर परिणाम देने के निर्देश दिए।
हर स्कूल में बने ‘स्मार्ट क्लास’
मुख्य सचिव ने स्कूल शिक्षा विभाग की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के प्रत्येक स्कूल में कम से कम एक स्मार्ट क्लासरूम बनाया जाए। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, डिजिटल शिक्षण को प्रोत्साहन देने और बच्चों की सीखने की क्षमता सुधारने पर विशेष जोर दिया गया।
शहरी विकास—आवास, स्वच्छता और वायु गुणवत्ता पर निर्देश
नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और अन्य आवासीय प्रोजेक्ट के लिए भूमि आवंटन शीघ्र गति से किया जाए। अवैध कॉलोनियों के प्रबंधन में पारदर्शिता रखी जाए।पीएम स्वनिधि योजना का लाभ वेंडर्स तक सही ढंग से पहुंचे। वायु गुणवत्ता सुधारने के उपायों में किसी प्रकार की ढिलाई न हो। साथ ही रोड सेफ्टी, कैटल-फ्री रोड और गीता भवन निर्माण जैसे बिंदुओं पर भी महत्वपूर्ण समीक्षा हुई।
कृषि—‘घर-घर खाद वितरण’ मॉडल की तारीफ
कृषि गतिविधियों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव जैन ने विदिशा में किसानों को उनके घर तक खाद-उर्वरक पहुंचाने की पायलट योजना की सराहना की। शाजापुर और जबलपुर में भी यह मॉडल प्रारंभ होने पर संतोष जताते हुए निर्देश दिया कि इसे सभी जिलों में लागू किया जाए। भावांतर योजना का लाभ केवल वास्तविक किसानों को मिले, इस पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए। उन्होंने मंडियों के निरीक्षण को भी अनिवार्य बताया।
सिंहस्थ–2028 को लेकर तैयारी तेज
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार सिंहस्थ–2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन और आसपास के जिलों में 50 हजार हेक्टेयर में फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। गुना के गुलाबों को प्रोत्साहन और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए नए मिल्क रूट भी विकसित किए गए हैं। मछली पालन, पशुपालन और फूड प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट्स की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
रोजगार, उद्योग और निवेश—तेजी लाने के निर्देश
बैठक में कौशल विकास, उद्योगों को बढ़ावा, पर्यटन, फूड पार्क और बंद पड़ी मिलों के सेटलमेंट की प्रगति देखी गई।
मुख्य सचिव ने कहा बैंकरों की मासिक और त्रैमासिक बैठकें समय पर हों। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में जिलों का प्रदर्शन बेहतर हो। ग्रामीण विकास—नर्मदा परिक्रमा पथ और वृंदावन ग्राम योजना को रफ्तार। ग्रामीण विकास समीक्षा में नर्मदा परिक्रमा पथ और वृंदावन ग्राम योजना को पूरा करने के लिए वन विभाग सहित अन्य एजेंसियों के साथ सघन समन्वय की आवश्यकता बताई। नर्मदा किनारों पर सघन वृक्षारोपण को प्राथमिकता दी गई।
मनरेगा, आजीविका मिशन और “एक बगिया मां के नाम” कार्यक्रम की प्रगति भी संतोषजनक बताई गई। राजस्व व्यवस्था—समय-सीमा का सख्ती से पालन
मुख्य सचिव ने चेतावनी दी कि नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के मामलों का समय-सीमा में निराकरण हो। कलेक्टर और एसडीएम तय रोस्टर अनुसार तहसीलों का निरीक्षण करें। डिजिटाइजेशन में नए-पुराने खसरों को जोड़कर लैंड लिंक कार्य तेजी से पूरा किया जाए। साथ ही समर्थन मूल्य पर धान व मोटे अनाज की खरीदी, भंडारण और परिवहन पर भी दिशा-निर्देश दिए।
कानून व्यवस्था—कलेक्टर और SP साथ मिलकर करें फील्ड विजिट
मुख्य सचिव जैन ने कहा कि पुलिस और राजस्व अधिकारी एक साथ फील्ड भ्रमण करें।
अपराधियों में भय और जनता में भरोसा दोनों मजबूत हों। SC-ST और महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए विशेष मुहिम चलें। सड़कों पर बिना हेलमेट दुर्घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
मुख्य सचिव का संदेश साफ—“टीमवर्क, समन्वय और संवेदनशीलता ही सुनिश्चित करेगी कि शासन की योजनाओं का हर लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचे।





