UP Panchayat Chunav Update: योगी सरकार ने की पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, निर्वाचन आयोग ने बदली मतदाता सूची पुनरीक्षण की डेडलाइन, जानिए कब आएगी अंतिम सूची
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियों को गति देने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है। आयोग ने पुनरीक्षण कार्य की समय-सारिणी को पूरी तरह संशोधित करते हुए नई डेडलाइन जारी कर दी है। यह परिवर्तन इसलिए आवश्यक माना जा रहा है क्योंकि कई जिलों में हस्तलिखित पांडुलिपियों को डिजिटल प्रारूप में फीड करने की प्रक्रिया अपेक्षा से अधिक समय ले रही थी। आयोग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब किसी भी परिस्थिति में समय सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी और सभी जिलों को नई तिथियों के अंदर ही कार्य पूर्ण करना अनिवार्य होगा।
10 दिसंबर 2025: मतदाता सूची का कंप्यूटरीकरण पूरा
23 दिसंबर 2025: अनंतिम मतदाता सूची जारी
24–30 दिसंबर 2025: निरीक्षण, दावा-आपत्तियाँ
8 फरवरी 2026: अंतिम मतदाता सूची जारी
क्यों बदली गई समय-सारिणी?
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, जिनमें ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत शामिल हैं, प्रशासनिक और राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। यही कारण है कि आयोग मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक और अद्यतन बनाना चाहता है। बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) बीते महीनों से घर-घर जाकर गणना और सत्यापन कार्य कर रहे थे। लेकिन जिला स्तर से रिपोर्ट मिली कि हस्तलिखित सूचनाओं को पोर्टल पर दर्ज करने में अधिक समय लग रहा है। कई जिलों में डाटा फीडिंग का काम अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रहा था। ऐसे में तकनीकी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने, त्रुटियों को रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने पूरी पुनरीक्षण योजना को फिर से निर्धारित किया है।
10 दिसंबर तक पूरा होगा मतदाता सूची का कंप्यूटरीकरण
नई समय-सारिणी के तहत मतदाता सूची के कंप्यूटरीकरण का कार्य 14 अक्टूबर से प्रारंभ हो चुका है, जो अब 10 दिसंबर 2025 तक पूरा किया जाना है। जिला निर्वाचन अधिकारियों और जिलाधिकारियों को सभी बीएलओ के कार्यों की दैनिक मॉनिटरिंग का निर्देश दिया गया है ताकि डाटा फीडिंग की गति व गुणवत्ता बनी रहे। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. वी. के. सिंह ने बताया कि “डिजिटल डाटा तैयार होने के बाद मतदान केंद्रों के पुनर्विन्यास, मतदेय स्थलों के वार्डवार निर्धारण और तकनीकी सुधार कार्यों को अंतिम रूप दिया जाएगा। नई व्यवस्था यह सुनिश्चित करेगी कि आगामी पंचायत चुनाव एक अद्यतन और सटीक मतदाता सूची के आधार पर संपन्न हों।”
23 दिसंबर को प्रकाशित होगी अनंतिम मतदाता सूची
नए कार्यक्रम के अनुसार 23 दिसंबर 2025 को अनंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी। इस सूची को सभी मतदान केंद्रों, ग्राम पंचायत भवनों और निर्धारित सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा किया जाएगा, ताकि अधिकतम लोगों तक इसकी जानकारी पहुंच सके।
24 से 30 दिसंबर तक चलेगी मतदाता निरीक्षण अवधि
अनंतिम सूची जारी होने के बाद 24 से 30 दिसंबर 2025 तक निरीक्षण अवधि तय की गई है। इस दौरान नागरिक अपने नाम की सही-सही प्रविष्टि की पुष्टि कर सकेंगे। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल नहीं है, तो वह दावा प्रस्तुत कर सकता है। यदि किसी मृत या स्थानांतरित व्यक्ति का नाम सूची में बना हुआ है, तो उसके खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। बीएलओ और संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे, ताकि दावे-आपत्तियों का पंजीकरण बिना किसी बाधा के हो सके।
सेवा अवधि में छुट्टियों का कोई प्रभाव नहीं
मतदाता सूची पुनरीक्षण की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने निर्देश जारी किया है कि इस अवधि में पड़ने वाले सभी सार्वजनिक अवकाशों के बावजूद संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे। इससे अधिकारी और कर्मचारी बिना किसी देरी के कार्य पूर्ण कर सकें। आयोग ने कहा कि—
“समय सीमा पूरी तरह अंतिम है, इसमें कोई विस्तार नहीं होगा। सभी जिलों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही कार्य पूर्ण करना होगा।”
8 फरवरी को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद, सभी संशोधनों को शामिल करते हुए 8 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। इसी सूची के आधार पर आगामी पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। आयोग का मानना है कि सटीक मतदाता सूची सुनिश्चित करने से न केवल चुनावी व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि ग्रामीण स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।
पंचायत चुनावों की तैयारी में जुटा प्रशासन
इसी बीच, जिलों में पंचायत चुनावों की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। मतदेय स्थलों का पुनर्निर्धारण, मतदान केंद्रों की भौतिक स्थिति का निरीक्षण, सुरक्षित मतदान के लिए मिनी कंट्रोल रूम और ई-डिस्ट्रीक्ट पोर्टल पर डाटा अपडेट जैसे कार्य भी तेज़ी से चल रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस बार मतदाता सूची में पारदर्शिता और तकनीकी शुद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। मतदाता सूची में देरी के कारण चुनावी कार्यक्रम प्रभावित न हो, इसलिए सभी जिलों को समयबद्ध कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग का यह कदम पंचायत चुनाव 2026 को समय पर और सटीक डेटा के साथ संपन्न कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।





