कर्नाटक में सियासी नाटक! नहीं बदला जाएगा CM! क्या कांग्रेस ने निकाल लिया सॉल्यूशन?
कर्नाटक की राजनीति में पिछले कई दिनों से चल रही हलचल पर आखिरकार ब्रेक लग गया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं को हवा मिल रही थी, लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि राज्य में नेतृत्व में किसी बड़े बदलाव पर फिलहाल कोई विचार नहीं किया जा रहा है।
मीटिंग से बढ़ी थी हलचल
ढाई साल का ‘टर्निंग पॉइंट’ बना मुद्दा
लीडरशिप बदलाव की अटकलों पर विराम
सुरजेवाला बोले—यह BJP का कैंपेन
- कर्नाटक CM परिवर्तन की अटकलें खारिज
- कांग्रेस ने CM की समस्या सुलझाई
- सुरजेवाला ने अटकलों पर रोकी बात
- भाजपा पर अफवाह फैलाने का आरोप
- सिद्धारमैया, शिवकुमार हाईकमान पर सहमत
- नेताओं को सार्वजनिक बयान से बचें
- हाईकमान का फैसला सब मानें
- सिद्धारमैया ही पेश करेंगे बजट
- सिर्फ कैबिनेट फेरबदल, CM नहीं
- दो मंत्री पद अभी खाली हैं
कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की अटकलें तब तेज हो गईं जब हाल ही में कांग्रेस सरकार ने ढाई साल पूरे कर लिए। इसी अवधि को लेकर पहले ही अटकलें थीं कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच ‘पावर-शेयरिंग फॉर्मूला’ के आधार पर मुख्यमंत्री बदले जा सकते हैं।
इस बीच उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के समर्थक विधायकों के एक समूह की पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात ने माहौल और गर्मा दिया। इस मीटिंग को शिवकुमार समर्थकों का ‘पावर पुश’ बताया जाने लगा और सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगे कि क्या सिद्धारमैया अब मुख्यमंत्री पद छोड़ने की तैयारी में हैं?
सुरजेवाला का बड़ा बयान—BJP फैला रही अफवाहें
इन अटकलों पर विराम लगाते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और कर्नाटक इंचार्ज रणदीप सिंह सुरजेवाला सामने आए। उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन की खबरों को नकारते हुए दावा किया कि यह BJP का राजनीतिक कैंपेन है, जो कर्नाटक सरकार को अस्थिर दिखाने की कोशिश कर रही है।
सुरजेवाला ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री शिवकुमार दोनों से बात की है। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई है कि BJP जानबूझकर अफवाहें फैलाकर सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं और विधायकों से अपील की कि नेतृत्व से जुड़े किसी भी मुद्दे पर सार्वजनिक बयानबाजी से बचें। किसी भी “भ्रामक राजनीतिक एजेंडे” का हिस्सा न बनें।
पार्टी हाईकमान के निर्देशों का पालन करें। यह बयान कांग्रेस की ओर से स्पष्ट संकेत है कि पार्टी नेतृत्व अभी किसी भी तरह की उठा-पटक नहीं चाहता।
सिद्धारमैया का सख्त संदेश
हाईकमान ही करेगा फैसला
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी स्थिति साफ करते हुए कहा कि नेतृत्व बदलने का अधिकार केवल पार्टी हाईकमान का है। उनका संदर्भ स्पष्ट रूप से मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी की तरफ था। सिद्धारमैया ने कहा कि हाईकमान जो फैसला करेगा, मैं भी मानूंगा और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को भी वही मानना होगा। सभी को पार्टी हाईकमान की बात सुननी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह आगामी बजट पेश करेंगे और इसके लिए तैयारियां जारी हैं। सिद्धारमैया ने यह भी पूछा क्या हाईकमान ने अब तक कुछ कहा है? जब तक केंद्र नेतृत्व का फैसला न आए, तब तक नेतृत्व परिवर्तन की बात निराधार है। उन्होंने यह दोहराया कि चर्चा सिर्फ कैबिनेट फेरबदल की हो रही है, न कि मुख्यमंत्री बदलने की।
कैबिनेट फेरबदल ही है असली मुद्दा?
कर्नाटक कैबिनेट में इस समय 34 में से 32 मंत्री पद भरे हुए हैं। दो मंत्रियों के पद खाली हैं, जिन्हें लंबे समय से भरे जाने की चर्चा चल रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन दो पदों को लेकर कई विधायकों की दावेदारी है। ढाई साल के बाद कैबिनेट फेरबदल की चर्चा स्वाभाविक रूप से होती है, लेकिन इसी प्रक्रिया के दौरान “CM बदलने” की अफवाहों को तूल मिला।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि कुछ पुराने मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं। शिवकुमार गुट के कुछ विधायकों को मंत्री पद मिल सकता है। प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को देखते हुए संतुलन बनाने की कोशिश हो सकती है। लेकिन मुख्यमंत्री बदलने जैसे बड़े फैसले पर पार्टी में सहमति नहीं है—यह बात अब साफ हो चुकी है।
कर्नाटक पर कांग्रेस हाईकमान की नजरें
कर्नाटक कांग्रेस इस समय राज्य में सबसे मजबूत सरकारों में से एक मानी जाती है। लोकसभा चुनाव में हालांकि प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा, लेकिन राज्य सरकार के स्थिर रहने से कांग्रेस हाईकमान कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। मल्लिकार्जुन खरगे जल्द ही बेंगलुरु पहुंचने वाले हैं, जहां वह मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों से औपचारिक चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि वह नेतृत्व परिवर्तन पर अंतिम मुहर भी लगा देंगे—यानी सिद्धारमैया ही फिलहाल मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
क्या कांग्रेस ने निकाला समाधान?
कुल मिलाकर स्थिति अब काफी स्पष्ट है कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदले जाने की कोई योजना नहीं है। कांग्रेस ने अफवाहों पर विराम लगाने के लिए आधिकारिक रूप से स्थिति साफ कर दी है। असली बदलाव कैबिनेट फेरबदल तक ही सीमित रहेगा। रणदीप सुरजेवाला, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार—तीनों के बयानों से यह संदेश स्पष्ट है कि पार्टी किसी भी तरह की अस्थिरता नहीं चाहती और राज्य सरकार का नेतृत्व फिलहाल जस का तस रहेगा।





