छत्तीसगढ़: कोंडागांव में दिल दहला देने वाला सड़क हादसा, एक ही परिवार के 5 सदस्यों की दर्दनाक मौत
ट्रक से टकराई SUV – फिल्म देखकर लौट रहे थे सभी
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में देर रात हुआ एक सड़क हादसा पूरे क्षेत्र को झकझोरकर रख देने वाला साबित हुआ। बड़े डोंगर इलाके के एक ही परिवार के 5 सदस्यों की मौत ने पूरे गांव में मातम पसरा दिया है, जबकि 7 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसा उस वक्त हुआ, जब सभी लोग शहर में फिल्म देखकर गांव लौट रहे थे। उनकी SUV सड़क किनारे खड़े ट्रक से इतनी जोरदार टकराई कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और कई लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
यह दुर्घटना कोंडागांव-बस्तर मार्ग पर बने टोल प्लाजा के पास हुई। रात का समय होने के बावजूद टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और टोल कर्मचारियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। हादसा इतना भयावह था कि बचाव दल को कार में फंसे लोगों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
कैसे हुआ हादसा?
पुलिस ने बताया कि मृतक और घायल सभी लोग स्कॉर्पियो वाहन से शहर में फिल्म देखने गए थे। लौटते वक्त रात करीब 11 बजे उनकी गाड़ी तेज रफ्तार में थी। टोल प्लाजा से कुछ दूरी पर सड़क किनारे एक बड़ा ट्रक खड़ा था, जिसकी पीछे की लाइटें ठीक से दिखाई नहीं दे रही थीं। अनुमान है कि चालक ने समय रहते ट्रक को नहीं देखा और गाड़ी सीधे पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह ट्रक के नीचे घुस गया।
प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि दुर्घटना स्थल पर सड़क बेहद संकरी है और वहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस जगह पर रात के समय भारी वाहनों के खड़े रहने की वजह से खतरा हमेशा बना रहता है।
घटनास्थल पर ही तीन ने तोड़ा दम
हादसा इतना गंभीर था कि कार में सवार 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य सभी घायल अवस्था में कार के अंदर फंसे हुए थे। अंधेरा होने और वाहन के बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण रेस्क्यू टीम को गैस कटर की मदद लेनी पड़ी। करीब 30 मिनट की कोशिश के बाद घायलों को बाहर निकालकर इलाज के लिए कोंडागांव जिला अस्पताल भेजा गया।
अस्पताल में दो और लोगों ने गंवाई जान
जिला अस्पताल में भर्ती 7 में से 2 लोगों की हालत बेहद गंभीर थी। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन कुछ ही देर बाद दोनों ने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि घायलों को सिर, सीने और पैरों में गहरी चोटें आई थीं, जो अत्यंत गंभीर थीं। बाकी घायलों की हालत भी चिंताजनक बनी हुई है। इनमें से 2 लोगों को अत्यधिक चोट और मस्तिष्क में आंतरिक रक्तस्राव होने के कारण जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया है।
मृतकों की पहचान हुई
पुलिस ने मृतकों की पहचान इस प्रकार की है।
लखन माड़वी
भूपेंद्र माड़वी
रूपेश माड़वी
नूतन मांझी
शत्रुघन मांझी
ये सभी कोंडागांव के बड़े डोंगर गांव के रहने वाले थे और आपस में रिश्तेदार थे। एक ही परिवार के इतने लोगों की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। गांववालों के अनुसार, ये सभी अक्सर परिवार और दोस्तों के साथ एक साथ घूमने जाते थे, और मंगलवार की यह यात्रा उनके लिए जानलेवा साबित हो गई।
परिवार में छाया मातम, पूरे गांव में सन्नाटा
घटना की सूचना मिलते ही रात में ही गांव में भीड़ जुट गई। मृतकों के घरों में कोहराम मचा हुआ है। परिजन रो-रोकर बेहोश हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि परिवार का लगभग हर घर इस दुर्घटना से प्रभावित है, क्योंकि सभी मृतक आपस में करीबी रिश्तेदार थे। एक बुजुर्ग महिला ने रोते हुए बताया, “हमने कभी सोचा भी नहीं था कि एक फिल्म देखने जाना इतना बड़ा सजा बन जाएगा। पूरा गांव उजड़ गया है, बच्चे अनाथ हो गए, महिलाएँ विधवा हो गईं।
शुरू हुई जांच, चालक पर केस
कोंडागांव पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में लापरवाही से वाहन चलाने और सड़क किनारे ट्रक के गलत तरीके से खड़ा होने पर सवाल उठाए गए हैं। पुलिस ट्रक चालक की तलाश कर रही है, जो हादसे के बाद मौके से गायब बताया जा रहा है। टोल प्लाजा के CCTV फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि दुर्घटना के समय गाड़ी की रफ्तार और अन्य पहलुओं का पता चल सके।
बार-बार क्यों हो रहे ऐसे हादसे?
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क किनारे बिना रिफ्लेक्टर या चेतावनी चिन्ह के खड़े ट्रक
।तेज रफ्तार। खराब रोशनी और सड़क की संकरी बनावट ये चार सबसे बड़ी वजहें हैं। जिनके कारण कोंडागांव-बस्तर मार्ग पर दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है। स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासन को इस बारे में शिकायत भी की है, लेकिन अब तक कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है।
प्रशासन ने जताया दुख, जांच के आदेश
जिला प्रशासन ने हादसे पर दुख जताया और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने कहा कि सड़क पर अवैध रूप से खड़े भारी वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा, और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।





