बिहार में हाल के चुनावी नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेजी से बढ़ गई है। इसका सबसे बड़ा असर लालू प्रसाद यादव के परिवार में देखने को मिल रहा है। हार के तुरंत बाद लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने घर छोड़ दिया। जाते समय उन्होंने अपने भाई तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाए—यहां तक कि मारपीट का आरोप भी लगाया। रोहिणी के कदम के बाद अब लालू प्रसाद यादव की तीन और बेटियां—रागिनी, चंदा और राजलक्ष्मी—भी अपने बच्चों के साथ पटना स्थित घर छोड़कर दिल्ली के लिए रवाना हो गईं।
रोहिणी के आरोपों ने पूरे बिहार में हलचल मचा दी है। जनता हैरान है और राजनीतिक दल इस मुद्दे पर खुलकर बयान दे रहे हैं। बीजेपी नेता निखिल आनंद ने X (ट्विटर) पर लिखा कि “तेजस्वी से पार्टी नहीं संभल रही, अब रोहिणी और मीसा को पार्टी की बागडोर संभालनी चाहिए।”वहीं जेडीयू (JDU) भी पीछे नहीं रही। पार्टी के प्रवक्ता नीरज कुमार ने लालू यादव की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “लालू प्रसाद यादव रोहिणी के आरोपों पर कुछ नहीं बोल रहे। आखिर क्यों? रोहिणी अकेले लालू की बेटी नहीं, पूरे बिहार की बेटी है।”
उधर, लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने भी घर में चल रहे विवाद पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “अगर बहनों पर अत्याचार होगा, तो सुदर्शन चक्र भी चलेगा।” फिलहाल पूरे बिहार में “बेटियों की बगावत” को लेकर राजनीति गरमा गई है।
एनडीए की आंधी में उड़ा महागठबंधन
बिहार चुनाव में बीजेपी और जेडीयू की “सुनामी” ने एनडीए को 243 में से 202 सीटों पर जीत दिलाई।
बीजेपी: 90 सीटें
जेडीयू: 89 सीटें
उधर महागठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया। पिछली बार की तुलना में उन्हें 89 सीटों का भारी नुकसान हुआ। वहीं एनडीए को इस बार 80 अतिरिक्त सीटें मिलीं। इसके साथ ही चिराग पासवान की लोजपा, जीतनराम मांझी की हम, और उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया।




