तूफान, भारी बारिश और ठंड की दस्तक: 16 से 20 नवंबर तक इन राज्यों में मौसम विभाग का हाई अलर्ट
देश का मौसम एक बार फिर करवट बदलने को तैयार है। कई राज्यों में नवंबर की शुरुआत से ही हल्की ठंडक महसूस होने लगी है, लेकिन अब मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ, बंगाल की खाड़ी में बन रहे लो-प्रेशर एरिया और अरब सागर से उठ रही नमी की वजह से देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तूफान और गरज-चमक की स्थिति पैदा हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में साफ आसमान और उत्तरी हवाओं का सक्रिय होना ठंड में और इजाफा करेगा। वहीं, दक्षिण भारत में आसमान से झमाझम बारिश जारी रहेगी।
16 से 20 नवंबर तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) ने 16, 17, 18, 19 और 20 नवंबर को कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मॉनसून के उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद कई राज्यों में अब भी बारिश का प्रभाव समाप्त नहीं हुआ है। देश के कई हिस्सों में बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है। इस बीच नवंबर के दूसरे पखवाड़े में एक बार फिर बादल अपना कहर बरपा सकते हैं।
तमिलनाडु में बादल बरसेंगे जमकर
तमिलनाडु में लगातार हो रही बारिश के बाद अब मौसम फिर से तेज होने जा रहा है। IMD के अनुसार 16 से 20 नवंबर तक राज्य के कई जिलों में तेज से भारी बारिश होने का अनुमान है। गरज-चमक के साथ कई इलाकों में बिजली गिरने की भी संभावना है।
तटीय क्षेत्रों में हवाएं तेज चलेंगी।
चक्रवात जैसी स्थितियों की शुरुआत तो नहीं है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र बारिश को और तेज करेगा।
इन राज्यों में भी फटेंगे बादल
IMD के मुताबिक 16 से 20 नवंबर के बीच देश के कुछ बड़े हिस्सों में रुक-रुककर भारी बारिश होगी। इन क्षेत्रों में तेज हवाएं, गरज के साथ बादल और बिजली गिरने की भी आशंका है। समुद्री इलाकों में लहरें भी ऊंची उठ सकती हैं, इसलिए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
राजस्थान और दिल्ली में बढ़ेगी ठंड
इस बार राजस्थान और दिल्ली में मॉनसून बेहद अच्छा रहा। नदी-तालाब भर गए। लेकिन अब मौसम का स्वरूप बदल चुका है।
16 से 20 नवंबर तक यहाँ ठंडक में तेज बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
सुबह और रात के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज होगी। उत्तरी हवाओं के सक्रिय होने से शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है। दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग और ठंड के डबल अटैक से लोगों को परेशानी हो सकती है। IMD ने इन दिनों सुबह-सुबह यात्रा से बचने और गर्म कपड़ों के उपयोग की सलाह दी है।
केरल में फिर दिखेगा मॉनसून का असर
केरल भले ही सबसे पहले मॉनसून का स्वागत करता है, लेकिन मॉनसून के लौटने के बाद भी इसका असर खत्म नहीं हुआ है।
मौसम विभाग का कहना है कि 16 से 20 नवंबर के बीच— राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक, और बिजली गिरने की आशंका है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति हो सकती है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ेगा।
आंध्र प्रदेश में फिर बरसेगी बारिश
आंध्र प्रदेश में मॉनसून के बाद भी हल्की बारिश की गतिविधियां जारी हैं। लेकिन अब मौसम एक बार फिर आक्रामक रुख दिखाने वाला है।
IMD के अनुसार 17 और 18 नवंबर को तटीय इलाकों में भारी बारिश
। 16, 19 और 20 नवंबर को हल्की से मध्यम वर्षा। तेज हवाओं के कारण समुद्र में उथल-पुथल रहेगी। मछुआरों को 5 दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश के पीछे क्या है कारण?
मौसम वैज्ञानिक बता रहे हैं कि इस समय देश के दोनों तटीय क्षेत्रों पर नमी की गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र तैयार हो रहा है, जो बारिश को तेज करेगा। अरब सागर से उठ रही नमी दक्षिण भारत में वर्षा गतिविधि को बढ़ाएगी। उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद साफ आसमान और उत्तरी हवाएं ठंडक बढ़ाएँगी। इस संयुक्त प्रभाव के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरह का मौसम देखने को मिल रहा है।
इन राज्यों में बढ़ सकती है मुश्किलें
IMD के अनुसार बारिश और ठंड की वजह से इन राज्यों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। कृषि कार्य, यात्राओं, और तटीय गतिविधियों पर इसका खास असर पड़ेगा।
तमिलनाडु
केरल
आंध्र प्रदेश
लक्षद्वीप
अंडमान-निकोबार
राजस्थान
दिल्ली
रायलसीमा
यानम और माही
IMD की सलाह
अचानक मौसम बदलने पर घर से निकलते समय पूरी तैयारी करें। बिजली गिरने की चेतावनी के चलते खुले मैदानों में खड़े न हों। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं से सावधान रहें। बर्फीली हवाओं से बचने के लिए सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनें। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में नदियों और जलधाराओं के पास न जाएं।





