भारत की AI दुनिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। 28 वर्षीय भारतीय अरबपति पर्ल कपूर ने देश का पहला पूरी तरह स्वदेशी AI चैटबॉट Kyvex लॉन्च किया है, जो अपना खुद का LLM इस्तेमाल करता है और गहरी रिसर्च के साथ विश्वसनीय जवाब देता है। IIT दिल्ली और IIT खड़गपुर के पूर्व निदेशकों की टीम के साथ बना यह प्लेटफॉर्म ChatGPT और Perplexity जैसी ग्लोबल सर्विसेज को टक्कर देने की क्षमता रखता है। फिलहाल वेब पर उपलब्ध Kyvex जल्द ऐप और एक्सटेंशन के रूप में भी आएगा।
भारत का स्वदेशी AI मॉडल: कैसे बदलेगा टेक फ्यूचर
पर्ल कपूर का Kyvex भारत की पहली ऐसी तकनीकी पहल है जिसमें बिना किसी विदेशी मॉडल पर निर्भर हुए एक पूर्ण LLM विकसित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म भारतीय संदर्भों को बेहतर समझता है और शिक्षा, बिज़नेस, टेक और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में गहराई वाले जवाब देने में सक्षम है। इसका लक्ष्य है भारत को AI निर्माण की बड़ी शक्ति बनाना।
IIT वैज्ञानिकों के साथ बना ‘Made in India’ AI प्रोजेक्ट
कपूर ने Kyvex को मजबूत बनाने के लिए IIT दिल्ली के पूर्व निदेशक प्रो. रामगोपाल राव और IIT खड़गपुर के पूर्व निदेशक प्रो. पीपी चक्रवर्ती को टीम का हिस्सा बनाया। दोनों विशेषज्ञों के अनुभव ने मॉडल की संरचना और रिसर्च क्षमता को और मजबूत किया है। इस प्रोजेक्ट को भारतीय AI इकोसिस्टम में गेम-चेंजर माना जा रहा है।
कैसे अलग है Kyvex: डीप-वेरिफाइड रिसर्च इसका असली हथियार
Kyvex का सबसे बड़ा फीचर इसका Deep Verified Answer Engine है, जो जवाब देने से पहले कई स्तरों पर जानकारी की जांच करता है। इससे पत्रकारों, छात्रों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों को बेहद सटीक और संदर्भित जानकारी मिलती है। यही कारण है कि Kyvex रिसर्च उपयोगकर्ताओं के लिए भविष्य में भरोसेमंद टूल बन सकता है।
जल्द लॉन्च होगा ऐप: हर यूज़र तक पहुंचाने की तैयारी
वेब पर लॉन्च होने के बाद Kyvex को अब Android, iOS और ब्राउज़र एक्सटेंशन के रूप में लाने की तैयारी की जा रही है। इससे यह प्लेटफॉर्म भारत के हर यूज़र तक आसानी से पहुंच सकेगा। पर्ल कपूर का कहना है कि भारत में AI उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और Kyvex उसी दिशा में मजबूत कदम है।





