भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार की शुरुआत मजबूती के साथ की। वैश्विक बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान पर खुले। शुरुआती कारोबार में निवेशकों के चेहरों पर रौनक लौट आई, हालांकि बैंकिंग और मिडकैप शेयरों में हल्की गिरावट भी देखी गई।
सेंसेक्स और निफ्टी की मजबूत शुरुआत
आज 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 59 अंकों की बढ़त के साथ 84,525 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी-50 ने 30 अंक की छलांग लगाकर 25,906 के स्तर से ट्रेडिंग शुरू की। बैंक निफ्टी 0.13% या 74 अंक की गिरावट के साथ 58,200 पर खुला। स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में शुरुआती सुस्ती दिखी, निफ्टी मिडकैप 60,910 पर सपाट रहा।
बढ़त और गिरावट वाले प्रमुख शेयर
सुबह के कारोबार में एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, हिंडाल्को, भारती एयरटेल और इंडिगो के शेयरों में अच्छी तेजी देखी गई। वहीं, टाटा मोटर्स सीवी, ओएनजीसी, बीईएल, जोमैटो (इटरनल) और ग्रासिम इंडस्ट्रीज के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशक अब मुनाफावसूली की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का रुझान
एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला रुझान देखा गया। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.4% चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.3% ऊपर रहा। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.2% गिरा। वहीं, अमेरिकी बाजार में S&P 500 स्थिर रहा, नैस्डैक 0.26% टूटा, जबकि डॉव जोन्स में 0.68% की मजबूती दर्ज हुई। निवेशकों की निगाह अब अमेरिकी शटडाउन संकट और फेड रिजर्व की संभावित नीतियों पर टिकी है।
बाजार को चाहिए नया ट्रिगर
जियोजित इन्वेस्टमेंट के चीफ स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार के अनुसार, बाजार को नए हाई स्तर तक पहुंचाने के लिए किसी मजबूत ट्रिगर की जरूरत है। उन्होंने कहा कि फिलहाल राजनीतिक संकेतक सीमित हैं, लेकिन यदि बिहार चुनाव के नतीजे एग्जिट पोल से अलग आए, तो बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव संभव है।
इसके अलावा, भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील, ब्याज दरों में संभावित कमी और रिटेल महंगाई में 0.25% की गिरावट जैसे कारक भी बाजार की दिशा तय करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल निवेशकों को सावधानी के साथ कदम बढ़ाने की जरूरत है।
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