अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सख्त कार्रवाई तेजी से बढ़ती दिख रही है। 68 करोड़ रुपए की कथित फर्जी बैंक गारंटी मामले में ED द्वारा एक और गिरफ्तारी किए जाने के बाद शुक्रवार को कंपनी से जुड़े शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। बीएसई पर रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर दोनों में तेज बिकवाली रही, जिससे निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई है।
फर्जी बैंक गारंटी केस में ED की तीसरी गिरफ्तारी
ED ने गुरुवार को अमर नाथ दत्ता नामक व्यक्ति को PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत गिरफ्तार किया है। यह मामला रिलायंस पावर से जुड़ी ₹68 करोड़ की संदिग्ध बैंक गारंटी से संबंधित बताया जा रहा है। स्पेशल कोर्ट ने उन्हें चार दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इससे पहले कंपनी के CFO अशोक कुमार पाल और ओडिशा की बिस्वाल ट्रेडलिंक कंपनी के MD पार्थ सारथी बिस्वाल की गिरफ्तारी हो चुकी है।
शेयर बाजार में तूफान—5% तक टूटा रिलायंस इन्फ्रा
ED की ताज़ा कार्रवाई का सीधा असर शेयरों पर देखने को मिला। शुक्रवार, 7 नवंबर को ट्रेडिंग के दौरान रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर का शेयर बीएसई पर 5% तक लुढ़क गया। खबर लिखे जाने तक इसका भाव ₹174.85 रहा, जो पिछले बंद भाव से लगभग ₹9.20 कम है। यह गिरावट निवेशकों के भरोसे पर असर डालती नजर आई।
रिलायंस पावर में भी गिरावट, 2.53% टूटे शेयर
रिलायंस पावर के शेयरों में भी तेज गिरावट देखने को मिली। बीएसई पर इसका स्टॉक ₹40.04 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जो एक दिन पहले से ₹1.04 कम है। यानी शेयर 2.53% टूट गए। हैरानी की बात यह है कि कुछ समय पहले ही यह कंपनी अपने 52-सप्ताह के हाई ₹425 पर पहुंची थी।
कंपनी का बयान—“अनिल अंबानी का मामले से कोई संबंध नहीं”
इस पूरे घटनाक्रम पर ग्रुप की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कंपनी ने साफ कहा है कि अनिल अंबानी का इस फर्जी बैंक गारंटी केस से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। हालांकि ED की बढ़ती कार्रवाई और लगातार हो रही गिरफ्तारियों ने बाजार में चिंता बढ़ा दी है और निवेशक सतर्क हो गए हैं।





