सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने निराशाजनक शुरुआत की। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, वैश्विक हलचल और मुनाफावसूली ने शुरुआती घंटों में बाजार की चाल को दबाव में डाल दिया। शुक्रवार की ओपनिंग में सेंसेक्स 0.04% टूटकर 84,374.88 पर और निफ्टी 0.10% गिरकर 25,852.00 के स्तर पर खुला। बाजार की शुरुआत से ही निवेशक सतर्क दिखाई दिए। शुरुआती मिनटों में लगभग 1403 शेयरों में खरीदारी दिखी, जबकि 992 कंपनियों में गिरावट दर्ज की गई और 147 शेयर बिना किसी बदलाव के स्थिर रहे। इसके अतिरिक्त, सेक्टोरल इंडेक्स में अलग-अलग ट्रेंड ने पूरे बाजार के मूड को मिश्रित बना दिया। FMCG, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटो और ऑयल-गैस जैसे सेक्टर्स ने शुरुआती कारोबार में मामूली बढ़त देकर बाजार को सहारा दिया, जबकि हेल्थकेयर, मेटल और रियल्टी स्टॉक्स पर दबाव बना रहा।
भारतीय बाजार की धीमी शुरुआत
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने हल्की कमजोरी के साथ ओपनिंग की। सेंसेक्स 29.58 अंक टूटकर 84,374.88 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 25.85 अंक गिरकर 25,852.00 पर खुला। शुरुआती ट्रेडिंग में निवेशकों की रणनीति सतर्क दिखी, क्योंकि विदेशी फंड की बिकवाली जारी रही थी।
सेक्टरों में मिला-जुला ट्रेंड
31 अक्टूबर की शुरुआती सत्र में FMCG, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटो और ऑयल एंड गैस जैसे क्षेत्रों में हल्की तेजी दिखी। दूसरी ओर हेल्थकेयर, मेटल और रियल्टी सेक्टर में प्रेशर बना रहा। IT और मीडिया में हल्की मजबूती, जबकि PSU बैंकों में सीमित सुधार देखा गया।
ट्रंप-जिनपिंग मुलाकात का असर
अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम ने बाजार की चाल को सीधे प्रभावित किया। अमेरिका और चीन के बीच सिर्फ एक साल की रेयर अर्थ्स डील से निवेशकों को निराशा हुई। हालांकि टैरिफ में कमी आने से व्यापार मोर्चे पर थोड़ी राहत मिली है जिससे ग्लोबल मार्केट में हल्की स्थिरता नजर आई।
वैश्विक बाजारों की चाल
अमेरिकी बाजार दबाव में रहे—नैस्डेक 1.57% टूटा, S&P 500 0.99% नीचे और डाऊ भी कमजोर क्लोज हुआ। वहीं एशिया में जापान का निक्केई और टॉपिक्स नए रिकॉर्ड स्तर पर जा पहुंचे। दक्षिण कोरिया का कोस्पी हल्की गिरावट में रहा जबकि कोस्डैक ने बढ़त कायम रखी। ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 भी सकारात्मक खुला।





