मौसम रिपोर्ट 27 अक्टूबर 2025: उत्तर से दक्षिण तक बारिश और तूफान का अलर्ट, IMD ने जारी किया बड़ा अपडेट”
देशभर में मौसम का बड़ा बदलाव
छठ पूजा के पावन अवसर पर देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में भारी वर्षा और चक्रवाती तूफान का प्रभाव देखने को मिल सकता है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ही तरफ एक-एक दबाव क्षेत्र सक्रिय है, जिससे देश के दक्षिणी और तटीय राज्यों में भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है। वहीं, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के असर से तापमान में गिरावट और बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम
मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि 25 अक्टूबर को पूर्व-मध्य अरब सागर में एक कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय था, जो मुंबई और गोवा से सैकड़ों किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह प्रणाली अब उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रही है और अगले 24 घंटों तक सक्रिय रह सकती है।
दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में विकसित निम्न दबाव क्षेत्र गहराता जा रहा है। यह 27 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान में और 28 अक्टूबर तक गंभीर चक्रवात में बदल सकता है। अनुमान है कि यह 28 अक्टूबर की शाम तक काकीनाडा (आंध्र प्रदेश) के तट को पार करेगा। उस समय हवा की रफ्तार 90 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो तटीय इलाकों के लिए खतरा बन सकती है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट
IMD ने चेतावनी दी है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तटीय कर्नाटक में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर, चेन्नई, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और विल्लुपुरम जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्र में भी बिजली गरजने और तूफानी हवाओं के साथ वर्षा की संभावना है। समुद्र में लहरों की ऊंचाई बढ़ने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
उत्तर भारत में ठंड और बूंदाबांदी की दस्तक
उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में हल्का बदलाव शुरू हो गया है। दिल्ली-एनसीआर में शनिवार को सीज़न का सबसे कम तापमान 16.9°C दर्ज किया गया। 27 और 28 अक्टूबर को राजधानी में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान 29 से 32 डिग्री के बीच और न्यूनतम 16 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
हवा की गति लगभग 8 किमी प्रति घंटा रही, जिससे हल्की ठंड और प्रदूषण दोनों का असर एक साथ महसूस किया गया।
दिल्ली में चरम पर प्रदूषण
बारिश की संभावना के बावजूद दिल्ली की हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्तर पर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, आनंद विहार का AQI 429 और वजीरपुर का AQI 400 रिकॉर्ड किया गया, जो “गंभीर” श्रेणी में आता है। राजधानी के 28 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता 300 से ऊपर दर्ज की गई। IMD का अनुमान है कि आगामी बारिश से हल्की राहत मिल सकती है, लेकिन हवा की दिशा और गति में बदलाव से प्रदूषण का स्तर घटने में अभी समय लगेगा।
उत्तर प्रदेश और बिहार में बदलता मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 और 28 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। गोरखपुर, देवरिया, बलिया, वाराणसी और प्रयागराज के दक्षिणी जिलों में बौछारें पड़ने के आसार हैं। वहीं पश्चिमी यूपी में मौसम सामान्यतः शुष्क रहेगा, हालांकि रात और सुबह के समय हल्की धुंध या कोहरा छा सकता है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी 28 से 31 अक्टूबर के बीच वर्षा और तूफानी गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
पश्चिम, मध्य और पूर्वोत्तर भारत का हाल
पश्चिमी भारत में कोकण, गोवा, दक्षिण महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में 28 अक्टूबर तक भारी बारिश की संभावना है। सौराष्ट्र क्षेत्र में कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा हो सकती है। मध्य भारत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक के साथ वर्षा का क्रम बना रहेगा। पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 29 से 31 अक्टूबर तक वर्षा और बिजली चमकने की गतिविधियां होंगी।
हिमालयी क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ
27 अक्टूबर की शाम से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके असर से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। यह विक्षोभ 28 अक्टूबर तक उत्तरी मैदानों को भी प्रभावित करेगा, जिससे पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के तापमान में और गिरावट आ सकती है। IMD की रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि देश के लगभग सभी हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम में बड़ा उतार-चढ़ाव रहेगा। दक्षिण भारत में चक्रवाती तूफान का खतरा, पश्चिम और मध्य भारत में भारी बारिश, पूर्वोत्तर में गरज-चमक और उत्तर भारत में ठंड की दस्तक — ये सब मिलकर अक्टूबर के अंतिम सप्ताह को मौसम की दृष्टि से बेहद सक्रिय बना रहे हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग के ताज़ा बुलेटिन पर नज़र रखें, समुद्र किनारे जाने से बचें और जरूरी सतर्कता बरतें। (प्रकाश कुमार पांडेय)





