भारत के ‘स्टील मैन’ विस्पी खराड़ी का 17वां वर्ल्ड रिकॉर्ड…अटारी बॉर्डर पर इतने किलो का पिलर उठाकर किया दुनिया को हैरान
अटारी बॉर्डर बना गवाह
17 अगस्त 2025 का दिन भारतीय ताक़त और जज़्बे का प्रतीक बन गया। पंजाब के अटारी बॉर्डर पर हज़ारों दर्शकों की मौजूदगी में भारत के “स्टील मैन” विस्पी खराड़ी ने एक और करिश्मा कर दिखाया। उन्होंने हरक्यूलिस पिलर्स चैलेंज में 261 किलोग्राम (575.4 पाउंड) वज़न का पिलर सफलतापूर्वक उठाकर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। यह इस श्रेणी में अब तक किसी भी पुरुष द्वारा उठाया गया सबसे भारी वज़न है।
गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने किया मान्यता
गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारियों ने बताया कि विस्पी द्वारा उठाया गया वज़न लगभग आधे पोलर बियर जितना था। नियमों के अनुसार चुनौती थी कि पिलर्स को कम से कम एक मिनट तक संभालना था, लेकिन विस्पी ने अपनी असीम ताक़त और मानसिक दृढ़ता से पूरे 67 सेकंड तक पिलर्स को थामे रखा। जैसे ही उन्होंने वज़न छोड़ा, मैदान तालियों और भारत माता की जयकारों से गूंज उठा।
पाकिस्तानी दर्शक भी रह गए हैरान
यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर हुआ। अटारी-वाघा बॉर्डर पर रोज़ होने वाली रिट्रीट सेरेमनी की तर्ज पर इस प्रदर्शन को भी खास अंदाज़ में आयोजित किया गया था। जब विस्पी ने स्टील पिलर हवा में उठाया, तो पाकिस्तान की तरफ से मौजूद लोग भी उनकी ताक़त देखकर दंग रह गए।
उपलब्धि को किया समर्पित
विस्पी खराड़ी ने इस अद्भुत उपलब्धि को भारतीय सशस्त्र बलों को समर्पित किया। उन्होंने अपने गुरु शिहान और हंशी को भी इस सफर में निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया। यह उनका 17वां गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड है, जिससे उनका नाम एक बार फिर वैश्विक स्तर पर चमक उठा है।
विस्पी का ‘हरक्यूलिस पिलर्स’ से पुराना रिश्ता
यह पहला मौका नहीं था जब विस्पी ने इस तरह की चुनौती पूरी की हो।
नवंबर 2024 में उन्होंने 2 मिनट 10.75 सेकंड तक हरक्यूलिस पिलर्स को थामकर दुनिया का सबसे लंबा समय तक वजन संभालने का रिकॉर्ड बनाया था।
उस समय पिलर्स का वज़न क्रमशः 166.7 और 168.9 किलो था।
विस्पी के अन्य बड़े रिकॉर्ड
2019 – एक मिनट में गर्दन से 21 लोहे की छड़ें मोड़कर रिकॉर्ड बनाया।
2022 – कीलों के ढेर पर 528 किलो कंक्रीट तोड़कर सबको चौंकाया।
2025 – अपने शरीर पर लगभग जिराफ़ के बराबर 1,819 किलो वज़न उठाया।
इन सभी रिकॉर्ड्स ने साबित किया कि विस्पी न केवल भारतीय मार्शल आर्ट और फिटनेस के प्रतीक हैं, बल्कि मानव शक्ति की सीमाओं को भी चुनौती देते हैं।
प्रेरणा का स्रोत बने
विस्पी खराड़ी सिर्फ एक एथलीट नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उनकी सफलता इस बात का सबूत है कि सही प्रशिक्षण, अनुशासन और दृढ़ निश्चय से कोई भी असंभव काम संभव किया जा सकता है। उनका यह रिकॉर्ड भारत की ताक़त और गौरव का प्रतीक बन चुका है। (प्रकाश कुमार पांडेय)





