प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्रि से एक दिन पहले देश को संबोधित किया। यह संबोधन खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि 22 सितंबर से जीएसटी (GST) की नई दरें लागू होने जा रही हैं। पीएम मोदी ने अपने भाषण में इन सुधारों को “बचत उत्सव” करार दिया और कहा कि ये कदम न सिर्फ आम नागरिकों के लिए राहत लेकर आएंगे बल्कि देश को विकसित भारत की दिशा में आगे ले जाएंगे।
- देश के नाम पीएम मोदी का संबोधन
- नवरात्रि से पहले बड़ा ऐलान
- GST सुधारों पर जोर…
- “एक राष्ट्र, एक कर” का सपना
घूमना-फिरना होगा सस्ता
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब आम नागरिकों के लिए यात्रा और पर्यटन और भी सस्ते हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि ज्यादातर होटलों पर से जीएसटी कम कर दिया गया है। यह कदम “नागरिक देवो भव” की भावना को मजबूत करेगा और पर्यटन उद्योग को नई ऊर्जा देगा।
आत्मनिर्भरता और MSME को लाभ
पीएम मोदी ने कहा, “जो हम देश में बना सकते हैं, वह हमें देश में ही बनाना चाहिए।” नई जीएसटी दरें MSME सेक्टर के लिए फायदेमंद साबित होंगी। उत्पादन लागत कम होगी और व्यापार करने में आसानी होगी। इससे रोजगार और निवेश दोनों में बढ़ोतरी होगी।
“एक राष्ट्र, एक कर” का सपना
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि जब 2014 में उन्हें अवसर मिला, तो उन्होंने जनहित और राष्ट्रहित को ध्यान में रखते हुए जीएसटी सुधारों को प्राथमिकता दी। 2017 में इसका सफल क्रियान्वयन हुआ और दर्जनों करों के जाल से देश को मुक्ति मिली। उन्होंने कहा कि अब सुधार की अगली पीढ़ी लागू हो रही है।
केवल दो स्लैब – 5% और 18%
पीएम मोदी ने कहा कि अब केवल दो ही दरें होंगी – 5% और 18%। इसका मतलब है कि रोज़मर्रा की चीजें और भी सस्ती हो जाएंगी और उपभोक्ताओं का बजट सुधरेगा।
कारोबार होगा आसान, निवेश को मिलेगा बल
पीएम मोदी ने कहा कि ये सुधार कारोबार को और आसान बनाएंगे और निवेशकों को आकर्षित करेंगे। उन्होंने याद किया कि 2017 से पहले टैक्स और टोल के जंजाल में लाखों कंपनियां फंसी रहती थीं। नई व्यवस्था से यह बोझ काफी हद तक कम हुआ है और अब नए सुधार इसे और सरल बनाएंगे।
नवरात्रि और बचत उत्सव
संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शक्ति की उपासना का पर्व नवरात्रि एक नई शुरुआत का प्रतीक है। इस बार नवरात्रि के पहले दिन से ही अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लागू होंगे। उन्होंने कहा, “यह GST बचत उत्सव आपकी बचत को बढ़ाएगा और आप अपनी मनचाही चीजें आसानी से खरीद पाएंगे। इससे गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, किसान, महिलाएं, दुकानदार, व्यापारी – सभी वर्गों को लाभ होगा।”
पीएम मोदी का यह संबोधन नवरात्रि की शुभकामनाओं के साथ-साथ जीएसटी सुधारों पर केंद्रित रहा। उन्होंने इसे एक नए “बचत उत्सव” की शुरुआत बताया। साफ संदेश यह रहा कि सरकार नागरिकों की जेब में बचत बढ़ाने और कारोबार को सरल बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। (प्रकाश कुमार पांडेय)





