सहस्त्रधारा, मालदेवता, टपकेश्वर और फन वैली में तबाही
देहरादून में बादल फटा, कई इलाके जलमग्न, पुल टूटे और मंदिर परिसर मलबे में दबा
देहरादून और आसपास के इलाके इन दिनों प्राकृतिक आपदा की चपेट में हैं। सहस्त्रधारा से लेकर मालदेवता, टपकेश्वर और फन वैली तक बारिश ने कहर बरपा दिया है। कहीं पुल बह गए, कहीं नदियों का पानी हाईवे तक आ पहुंचा, तो कहीं मंदिरों के परिसर मलबे से भर गए। हालात इतने गंभीर हो गए कि प्रशासन को स्कूल बंद करने पड़े और राहत-बचाव टीमों को मोर्चा संभालना पड़ा।
सहस्त्रधारा में बादल फटने से मचा हाहाकार
सोमवार देर रात से जारी भारी बारिश ने देहरादून को बेहाल कर दिया। सुबह करीब पांच बजे सहस्त्रधारा में बादल फटने की घटना हुई। अचानक आए सैलाब में कई घर और दुकानें बह गईं। दो लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में SDRF और NDRF की टीमें लगी हुई हैं। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के मुताबिक, मसूरी में एक व्यक्ति की मौत की खबर भी आई है, जबकि देहरादून से दो से तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं।
मालदेवता और सौंग नदी का रौद्र रूप
मालदेवता इलाके में सौंग नदी ने पुल को बहा दिया। नदी का बहाव इतना तेज था कि आसपास के गांव और सड़कें जलमग्न हो गईं। प्रशासन ने एहतियातन देहरादून में पहली से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद कर दिए। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए अलर्ट जारी किया है।
फन वैली और ऋषिकेश में तबाही
देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर फन वैली के पास पानी ने तबाही मचाई। सड़क पर गाड़ियां बहती नजर आईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
वहीं, ऋषिकेश में चंद्रभागा नदी उफान पर है। नदी का पानी हाईवे तक पहुंच गया और कई गाड़ियां बह गईं। SDRF ने तीन लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
तपकेश्वर मंदिर में मलबा
देहरादून का प्रसिद्ध तपकेश्वर महादेव मंदिर भी इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गया। मंदिर परिसर में 1 से 2 फीट तक मलबा जमा हो गया, जिससे पूजा-अर्चना प्रभावित हुई। श्रद्धालुओं को प्रशासन ने मंदिर क्षेत्र में जाने से रोका है।
आईटी पार्क और शहरी इलाके जलमग्न
आईटी पार्क क्षेत्र में बारिश का पानी दफ्तरों और बेसमेंट तक घुस गया। स्थानीय निवासी ऋतिक शर्मा ने बताया कि वह सुबह 5:30 बजे से पानी में फंसे हुए हैं। कई वाहन पूरी तरह डूब चुके हैं। शहर के अन्य हिस्सों में भी जलभराव से लोग बेहाल हैं।
प्रशासन और सरकार की निगरानी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस और SDRF मौके पर राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री लगातार अधिकारियों से संपर्क में हैं और खुद स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं ईश्वर से सभी के सुरक्षित होने की प्रार्थना करता हूं।”
400 से अधिक लोग सुरक्षित निकाले गए
अब तक प्रशासन और राहत एजेंसियों ने 300 से 400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। हालांकि, कई जगहों पर सड़कें टूट जाने और पुल बह जाने से राहत-बचाव कार्यों में दिक्कत आ रही है।
भारी बारिश का असर जारी
मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून और आसपास के इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। तेज हवाओं और बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास न जाने की अपील की है। देहरादून के सहस्त्रधारा, मालदेवता, फन वैली और तपकेश्वर जैसे मशहूर पर्यटन स्थलों पर हुई तबाही ने उत्तराखंड की नाजुक भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक आपदा की संवेदनशीलता को एक बार फिर उजागर कर दिया है। अभी राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन नुकसान का पूरा आकलन आने वाले दिनों में ही हो सकेगा। ( प्रकाश कुमार पांडेय)





