प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मणिपुर के चुराचांदपुर पहुंचे। यह उनकी पहली यात्रा है जब से राज्य में मई 2023 में जातीय हिंसा हुई थी। इस दौरान पीएम मोदी ने 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। चुराचांदपुर वही इलाका है जहां हिंसा में 250 से ज्यादा लोगों की जान गई थी और हजारों लोग विस्थापित हुए थे। मोदी ने कहा कि मणिपुर उम्मीदों और आकांक्षाओं की भूमि है और यहां शांति बहाल कर विकास का नया अध्याय लिखा जाएगा।
मिजोरम को मिला रेलवे का तोहफा
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है क्योंकि अब पहली बार मिजोरम की राजधानी आइजोल भारत के रेलवे नक्शे पर दर्ज हो गई है। बैराबी-सैरांग रेल लाइन को कई चुनौतियों के बावजूद पूरा किया गया। मोदी ने इसे सिर्फ एक रेल संपर्क नहीं, बल्कि “जीवन रेखा” बताया जो राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार में बड़ा बदलाव लाएगा। अब मिजोरम से दिल्ली तक राजधानी एक्सप्रेस सीधे जुड़ेगी।
पूर्वोत्तर अब भारत का विकास इंजन
मोदी ने कहा कि लंबे समय तक पूर्वोत्तर को वोट बैंक की राजनीति के कारण नजरअंदाज किया गया। लेकिन अब इन इलाकों को भारत के विकास इंजन में बदला जा रहा है। सरकार ने मिजोरम में 11 एकलव्य आवासीय स्कूल शुरू किए हैं और 6 और जल्द खुलेंगे। स्टार्टअप्स, पर्यटन और परिवहन से पूर्वोत्तर के युवाओं को बड़े अवसर मिलेंगे।
मणिपुर में शांति और पुनर्वास का वादा
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला है और उसका लाभ मणिपुर जैसे राज्यों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे प्रभावित लोगों से मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और राज्य में शांति स्थापित करने के लिए लगातार काम करेगी। मोदी ने कहा कि “मणिपुर को शांति, समृद्धि और विकास का प्रतीक बनाया जाएगा।”





