नेपाल में राजनीतिक भूचाल मच गया है। बढ़ते विरोध और हिंसा के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने सोमवार देर रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले नेपाली सेना ने उन्हें साफ संदेश दिया था कि हालात काबू में लाने के लिए सत्ता छोड़नी होगी। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने ओली का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इसके बाद अब नेपाल में अस्थिरता और गहराने लगी है और सेना के सत्ता संभालने की अटकलें तेज हो गई हैं।
सेना का दबाव और ओली का कदम
नेपाल में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे थे। सेना ने प्रधानमंत्री ओली से कहा था कि अगर वह पद छोड़ते हैं तो आर्मी व्यवस्था संभाल लेगी। इसके बाद ओली ने सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल से मुलाकात की और हालात पर चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, ओली ने सेना से सुरक्षित बाहर निकलने में मदद मांगी। यहां तक कि उनके दुबई जाने की तैयारी की भी खबरें सामने आईं।
प्रदर्शनकारियों का आक्रोश और संसद में आगजनी
नेपाल की राजधानी काठमांडू में प्रदर्शनकारियों ने हिंसा का रास्ता अख्तियार कर लिया। उग्र भीड़ ने संसद भवन में घुसकर आग लगा दी। वहीं राष्ट्रपति पौडेल के निजी आवास में भी तोड़फोड़ और आगजनी की गई। इससे पूरे देश में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है।
सरकार के फैसले से भड़की जनता
इस पूरे विरोध की जड़ सरकार का सोशल मीडिया प्रतिबंध बना। हाल ही में ओली सरकार ने देश में 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को बैन कर दिया था। जनता इस कदम से भड़क उठी और सड़कों पर उतर आई। हालांकि बाद में सरकार ने प्रतिबंध वापस ले लिया, लेकिन तब तक हालात बेकाबू हो चुके थे।

नेताओं पर हमले और इस्तीफों की झड़ी
हिंसक प्रदर्शनों की चपेट में कई बड़े नेता भी आए। कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएन) माओवादी केंद्र के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल ‘प्रचंड’ के निवास पर भी हमला किया गया और घर में आग लगा दी गई। इस बीच पांच मंत्रियों ने भी इस्तीफा दे दिया, जिससे संकट और गहरा गया।





