आने वाले रविवार की रात आसमान में दुर्लभ खगोलीय घटना घटित होने जा रही है। यह होगा पूर्ण चंद्र ग्रहण, जिसे आमतौर पर ‘ब्लड मून’ के नाम से भी जाना जाता है। यह नजारा पूरे भारत में दिखाई देगा और इसकी अवधि बेहद खास रहने वाली है। खगोलविदों के अनुसार, यह 2022 के बाद भारत से दिखने वाला सबसे लंबा पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। इतना ही नहीं, इस दौरान चांद लालिमा लिए हुए नज़र आएगा, जो इसे और भी आकर्षक बना देगा।
कब और कहां दिखाई देगा ग्रहण
पूर्ण चंद्र ग्रहण 7 सितंबर की रात 8:58 बजे शुरू होगा। इसका पूर्ण चरण रात 11:01 बजे से 12:23 बजे तक चलेगा, यानी 82 मिनट तक चांद लालिमा लिए हुए रहेगा। आंशिक ग्रहण का आखिरी चरण रात 1:26 बजे समाप्त होगा और पूरी घटना 2:25 बजे खत्म होगी। भारत के अलावा चीन, अफ्रीका और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया से भी यह दृश्य नजर आएगा।
ब्लड मून क्यों कहा जाता है?
ग्रहण के समय चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देता है क्योंकि उस पर पड़ने वाली रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरती है। इस दौरान नीली रोशनी ज्यादा बिखर जाती है और लाल रंग की किरणें चांद तक पहुंचती हैं। यही कारण है कि चंद्रमा खूनी लालिमा लिए दिखाई देता है और इसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।
ब्लड मून क्यों कहा जाता है?
ग्रहण के समय चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देता है क्योंकि उस पर पड़ने वाली रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरती है। इस दौरान नीली रोशनी ज्यादा बिखर जाती है और लाल रंग की किरणें चांद तक पहुंचती हैं। यही कारण है कि चंद्रमा खूनी लालिमा लिए दिखाई देता है और इसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।
अगला लंबा चंद्र ग्रहण कब?
खगोलविदों के अनुसार, भारत में अगली बार इतना लंबा चंद्र ग्रहण 31 दिसंबर 2028 को देखने को मिलेगा। यानी यह मौका बेहद खास है और इसे मिस नहीं किया जाना चाहिए।





