जम्मू-कश्मीर के कटरा में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री माता वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा पिछले सात दिनों से ठप है। 26 अगस्त को अर्धकुंवारी इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास भारी बारिश के चलते हुए भीषण भूस्खलन में 34 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए। हादसे के बाद से यात्रा मार्ग पूरी तरह से बंद है और करीब 500 श्रद्धालु कटरा में फंसे हुए हैं। इन श्रद्धालुओं की मदद के लिए कटरा होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन आगे आया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश वजीर के अनुसार, शहर के 300 होटलों में से 200 कमरों को श्रद्धालुओं के लिए खोला गया है। यहां फंसे यात्रियों को नाश्ता और डिनर सहित रोजमर्रा की जरूरतें पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- सात दिन से बंद है वैष्णो देवी यात्रा
- श्रद्धालुओं को होटल वालों ने दिया सहारा
- 300 होटल में खोले 200 कमरे
- फंसे यात्रियों को फ्री में करा रहे नाश्ता और डिनर
नुकसान हमारी जेब में, पर दर्द श्रद्धालुओं का—एसो.
होटल एसोसिएशन प्रमुख राकेश वजीर का कहना है कि हम यह जानते हैं कि इस समय हर कोई संकट में है परेशानी में है। आर्थिक नुकसान हमारा भी हो रहा है। लेकिन संकट की इस घड़ी में श्रद्धालुओं का साथ देना ही सच्ची और असली सेवा है। 200 लोग धर्मशालाओं में भी ठहरे हुए हैं। हम सभी होटल संचालक मिलकर भोजन और रहने की सुविधा दे रहे हैं। श्रद्धालुओं में शामिल अमरोहा उत्तर प्रदेश से आए अमिश चौधरी भी हैं। वे कहते हैं कि “भूस्खलन की खबर सुनकर हमारी आंखों के सामने अंधेरा छा गया। हम न आगे जा सकते हैं, न पीछे। लेकिन कटरा के लोग हमें परिवार की तरह संभाल रहे हैं।”
संवेदनशील क्षेत्रों से खाली कराए गए होटल-धर्मशालाएं
श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि यात्रा मार्ग पर एशिया चौक से लेकर बलिनी पुल और दर्शनी ड्योड़ी तक कई संवेदनशील स्थान हैं। इन इलाकों में स्थित 80 से ज्यादा छोटे होटल और दुकानें तुरंत खाली करा दी गई हैं। यह फैसला लगातार हो रही बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए लिया गया है।
जहां रोज आते थे 30 हजार श्रद्धालु, वहां पसरा सन्नाटा
कटरा की सड़कों पर इस समय वीरानी है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर भीड़ की जगह सन्नाटा पसरा हुआ है। पहले रोजाना करीब 30 हजार श्रद्धालु यहां पहुंचते थे। श्री वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अनुसार, 18 किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग की मरम्मत युद्धस्तर पर चल रही है। इसके बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी। पूर्व प्रबंध समिति के अध्यक्ष शेर सिंह बरिदराम ने कहा, “श्राइन बोर्ड बनने से पहले हम मंदिर की देखरेख करते थे। तब कभी ऐसा नजारा नहीं देखा था कि लगातार एक हफ्ते तक पूरा कटरा ठहर जाए।”
बुकिंग कैंसिल, रिफंड की प्रक्रिया शुरू
श्राइन बोर्ड की ओर से बताया गया है कि जिन श्रद्धालुओं ने हेलिकॉप्टर सेवा के साथ भवन या भैरों घाटी के बीच रोपवे और होटल की बुकिंग करायी थी, उन्हें अब राशि रिफंड की जा रहही है। इससे ऐसे करीब हजारों लोगों को राहत मिलेगी। हालांकि इस कदम से होटल व्यवसायियों और सेवा प्रदाताओं को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
शाह ने किया दौरा, कनेक्टिविटी सुधारने के निर्देश
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को जम्मू पहुंचे। उन्होंने बाढ़ और भूस्खलन से हुई तबाही का जायजा लिया। शाह ने प्रशासन को निर्देश दिया कि जम्मू की कनेक्टिविटी को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए ताकि लोगों को राहत मिले। उन्होंने सेना और केंद्रीय सशस्त्र बलों द्वारा किए जा रहे राहत और बचाव कार्यों की सराहना भी की। बताया जा रहा है कि बारिश और बाढ़ के चलते जम्मू क्षेत्र में कई पुल टूट गए हैं और सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
आगे की राह: श्रद्धालुओं की सुरक्षा पहले
भूस्खलन और बाढ़ की वजह से इस समय पूरी वैष्णो देवी यात्रा ठप है। प्रशासन और श्राइन बोर्ड मिलकर मार्ग को फिर से सुरक्षित बनाने में जुटे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि, जब तक मौसम सामान्य नहीं होता और मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक यात्रा शुरू होने की संभावना नहीं है। कटरा में वैष्णो देवी यात्रा का ठप होना श्रद्धालुओं और स्थानीय कारोबारियों दोनों के लिए बड़ा झटका है। एक ओर श्रद्धालु दर्शन से वंचित हैं, वहीं होटल और दुकानदार आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। इसके बावजूद स्थानीय होटल संचालकों और धर्मशालाओं ने मानवता का उदाहरण पेश करते हुए श्रद्धालुओं को मुफ्त में सहारा दिया है। (प्रकाश कुमार पांडेय)





