जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। शनिवार तड़के रियासी और रामबन जिलों में बादल फटने की घटनाओं ने दर्जनों परिवारों को उजाड़ दिया। रियासी के माहौर डब्बर गांव में 7 लोगों की मौत हो गई है, वहीं रामबन जिले के राजगढ़ गांव में 5 लोगों की जान चली गई। दोनों जिलों में अब भी कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत शिविर स्थापित कर पीड़ित परिवारों को भोजन, पानी और दवाइयों की व्यवस्था उपलब्ध कराई है।
रियासी में बादल फटने से गांव तबाह
रियासी जिले के माहौर डब्बर गांव में बादल फटने से भीषण तबाही मची। तेज बहाव और भारी बारिश की वजह से गांव के कई घर पूरी तरह ढह गए। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हैं। प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है और मलबे में दबे लोगों की तलाश की जा रही है। घटना के बाद से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है।
रामबन में भीषण त्रासदी
रामबन जिले के राजगढ़ गांव में भी बादल फटने से भारी नुकसान हुआ। यहां तेज बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ ने कई घरों को चपेट में ले लिया। पांच लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। मलबे में दबे घरों की वजह से गांव के लोग सुरक्षित जगहों पर पलायन कर रहे हैं। सेना, SDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार राहत और बचाव में जुटी हैं।
यात्रियों के लिए रेलवे का ऐलान
भारी बारिश और बाढ़ से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर में यात्रियों की मदद के लिए नॉर्दर्न रेलवे ने दो स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। पहली ट्रेन 30 अगस्त को जम्मू से दादन (मऊ) और दूसरी ट्रेन छपरा के लिए रवाना होगी। रेलवे ने साफ किया है कि हालात को देखते हुए ट्रेनों के समय में बदलाव हो सकता है। इन ट्रेनों में सभी श्रेणियों के डिब्बे होंगे ताकि फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके।
राहत और बचाव अभियान जारी
बादल फटने के बाद प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए राहत शिविर स्थापित किए हैं। विस्थापित परिवारों को भोजन, पानी और दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मेडिकल टीमें मौके पर पहुंचकर घायलों का इलाज कर रही हैं। अधिकारियों ने कहा कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त रेस्क्यू टीमों को तैनात किया जाएगा।





