बिहार के राजगीर में हीरो एशिया कप 2025 का आगाज…विश्व के आठ देशों की टीम के टक्कर..भारत और चीन के बीच पहला मुकाबला
बिहार के राजगीर आज से अंतरराष्ट्रीय हॉकी महाकुंभ हीरो एशिया कप 2025 का आगाज हो रहा है। बिहार पहली बार इतने बड़े स्तर पर अंतरराष्ट्रीय पुरुष हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी करने जा रहा है। इसके लिए न केवल खेल अधोसंरचना बल्कि स्थानीय जनभागीदारी पर भी विशेष जोर दिया गया है। राजगीर में आज से शुरू हो रहे हॉकी एशिया कप में पहला मुकाबला भारत और चीन के बीच होगा। खास बात यह है कि एशिया कप का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि यह अगले साल होने वाले 2026 हॉकी के विश्व कप के लिए क्वालीफायर टूर्नामेंट भी है। पिछले 11 संस्करणों में दक्षिण कोरिया इस टूर्नामेंट में सबसे सफल टीम रही है।दक्षिण कोरिया ने 5 बार खिताब जीता है। वहीं भारत की ओर से भी 2003, 2007 के बाद 2017 में तीन बार यह खिताब पर कब्जा किया गया। इस टूर्नामेंट में पाकिस्तानी हॉकी टीम ने भी 1982 के बाद 1985 और 1989 में तीन बार खिताब को अपने नाम किया।
- बिहार के राजगीर पर दुनिया की नजर
- आज से हीरो एशिया कप हॉकी 2025 का आगाज
- इस टूर्नामेंट में ले रहे हैं एशिया के 8 शीर्ष देश भाग
- हॉकी इंडिया की ओर से की सभी मैचों के मुफ्त टिकट की व्यवस्था
- मेजर ध्यानचंद की जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके हो रहा टूर्नामेंट
- एशिया के 8 टॉप हॉकी देश हो रहे हैं शामिल
- भारत के साथ चीन, जापान, कोरिया,
- मलेशिया,कजाखस्तान, बांग्लादेश और चीनी ताइपे हिस्सा ले रहे हैं
एक दिन पहले गुरुवार को बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक-सह-सीईओ रवीन्द्रन शंकरण ने बिहार के हॉकी प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आगामी टूर्नामेंट में ये प्रशिक्षु बॉल बॉयज़ और बॉल गर्ल्स के रूप में काम करेंगे और उनका योगदान आयोजन की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा।
टूर्नामेंट का महत्व और तारीखें
हीरो एशिया कप 2025 का आयोजन आज 29 अगस्त से 7 सितंबर 2025 तक राजगीर में होगा। इस दौरान एशिया की शीर्ष पुरुष हॉकी टीमें एक-दूसरे से भिड़ेंगी। खेल प्रेमियों के लिए यह आयोजन ऐतिहासिक अवसर साबित होगा, क्योंकि पहली बार बिहार अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट का केंद्र बनने जा रहा है। भारत के साथ-साथ पाकिस्तान, मलेशिया, कोरिया, जापान और चीन जैसी टीमों की उपस्थिति इस प्रतियोगिता को और भी रोमांचक बनाएगी।
प्रशिक्षुओं के लिए सीखने का अवसर
रवीन्द्रन शंकरण ने अपने संबोधन में कहा कि यह अवसर न केवल प्रशिक्षुओं के लिए गर्व की बात है बल्कि उनके कैरियर और व्यक्तित्व विकास के लिए भी बेहद अहम है। बॉल बॉयज़ और बॉल गर्ल्स को मैदान पर खिलाड़ियों की सुविधा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जाती है। यह जिम्मेदारी छोटी दिख सकती है लेकिन वास्तव में अंतरराष्ट्रीय मानकों पर यह आयोजन का अहम हिस्सा होती है। उन्होंने कहा, “यह अनुभव प्रशिक्षुओं को अंतरराष्ट्रीय खेल प्रबंधन, अनुशासन और टीम वर्क का प्रत्यक्ष ज्ञान देगा। यह उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और खेल के प्रति समर्पण को और मजबूत करेगा।”
प्रशिक्षण और अनुशासन पर जोर
राज्य खेल प्राधिकरण ने सुनिश्चित किया है कि इन प्रशिक्षुओं को टूर्नामेंट से पहले विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। इस प्रशिक्षण में उन्हें मैदान पर अनुशासन, त्वरित प्रतिक्रिया, समय प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के पालन के गुर सिखाए जा रहे हैं। प्रशिक्षुओं को बताया गया है कि किस प्रकार उन्हें मैच के दौरान खिलाड़ियों की मदद करनी है, गेंद की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखना है और यह सुनिश्चित करना है कि खेल किसी भी बाधा के बिना चलता रहे।
आयोजन से स्थानीय जुड़ाव
हीरो एशिया कप राजगीर 2025 सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है, बल्कि यह बिहार के लिए अंतरराष्ट्रीय पहचान का अवसर है। इस आयोजन से स्थानीय खिलाड़ियों, प्रशिक्षुओं और खेल प्रेमियों को दुनिया भर की हॉकी संस्कृति को समझने का मौका मिलेगा।
सीईओ ने कहा कि इस आयोजन में शामिल होकर प्रशिक्षु न केवल अपने कौशल को निखारेंगे, बल्कि वे बिहार की मेहमाननवाज़ी और प्रतिभा को भी दुनिया के सामने रखेंगे। यह जुड़ाव खेलों के माध्यम से युवाओं को नई दिशा देने का काम करेगा।
आर्थिक और पर्यटन प्रभाव
राजगीर जैसे ऐतिहासिक और पर्यटन नगरी के लिए यह टूर्नामेंट बड़ी सौगात साबित होगा। हजारों राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, अधिकारी, पत्रकार और दर्शक यहां पहुंचेंगे। इससे स्थानीय होटल, परिवहन, खानपान और अन्य सेवाओं की मांग में बढ़ोतरी होगी। पर्यटन और अर्थव्यवस्था पर इसका सकारात्मक असर पड़ेगा।
साथ ही, राजगीर को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान भी मिलेगी।
खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
बिहार के हॉकी प्रशिक्षु इस आयोजन से प्रत्यक्ष रूप से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को खेलते देख पाएंगे। इससे उन्हें खेल कौशल, फिटनेस, रणनीति और अनुशासन सीखने का अवसर मिलेगा। स्थानीय स्तर पर यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को खेल के प्रति प्रेरित करेगा।
सीईओ का संदेश
रवीन्द्रन शंकरण ने अपने संबोधन के दौरान कहा, “लोकतंत्र की बुनियाद जहां मतदाता सूची होती है तो वहीं खेल की बुनियाद अनुशासन और प्रतिबद्धता है। हीरो एशिया कप में लड़के और लड़की सभी प्रशिक्षु आयोजन का हिस्सा भी बनेंगे। यह केवल जिम्मेदारी नहीं बल्कि एक प्रकार का सम्मान भी है। रवीन्द्रन के इस संदेश ने बिहार के हॉकी प्रशिक्षुओं में उत्साह और आत्मविश्वास भर दिया है। bहीरो एशिया कप राजगीर 2025 को लेकर स्टेडियम से लेकर सुरक्षा, परिवहन और आतिथ्य तक हर स्तर पर नजर रखी जा रही है। ऐसे में स्थानीय प्रशिक्षुओं की भूमिका इस आयोजन को ऐतिहासिक और सफल बनाने में निर्णायक साबित होगी। बिहार के लिए यह सिर्फ खेल आयोजन नहीं बल्कि गौरव और अवसर का संगम है, जिससे आने वाले वर्षों में राज्य की खेल संस्कृति को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।





