ट्विटर से बाहर किए जाने के करीब तीन साल बाद भारतीय मूल के पराग अग्रवाल अब धमाकेदार कमबैक करने जा रहे हैं। पूर्व ट्विटर सीईओ पराग अग्रवाल एक नया AI स्टार्टअप लॉन्च करने की तैयारी में हैं, जिसका नाम है Parallel Web Systems। बताया जा रहा है कि यह कंपनी एलन मस्क के xAI और OpenAI जैसे दिग्गजों को सीधी चुनौती देने वाली है। खास बात यह है कि यह स्टार्टअप ऐसे टूल्स पर काम कर रहा है जो भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट्स को इंटरनेट का सबसे बड़ा ग्राहक बना देंगे।
क्यों खास है Parallel Web Systems?
पराग अग्रवाल का मानना है कि आने वाले समय में वेब का इस्तेमाल इंसानों से ज्यादा मशीनें करेंगी। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ‘Parallel Web Systems’ की नींव रखी है। कंपनी ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर और टूल्स पर काम कर रही है, जिससे AI एजेंट्स इंटरनेट से रियल-टाइम में डेटा निकालकर उसे वेरीफाई कर सकें और व्यवस्थित कर सकें।
पहले से पेश किए गए टूल्स
Parallel Web Systems ने शुरुआती दौर में ही कई इनोवेटिव टूल्स लॉन्च किए हैं। इनमें Deep Research APIs, Low-level Search Tools और Web-scale Infrastructure शामिल हैं। इन टूल्स की मदद से कंपनियाँ रिसर्च, सेल्स लीड, कोडिंग सपोर्ट और इंश्योरेंस ऑटोमेशन जैसे कामों को तेज़ी और सटीकता से कर पा रही हैं।
xAI और ChatGPT को चुनौती
रिपोर्ट्स के अनुसार, Parallel Web Systems ने कई टेस्टिंग बेंचमार्क्स में OpenAI और xAI से बेहतर प्रदर्शन किया है। BrowseComp टेस्ट में Parallel ने 58% एक्यूरेसी हासिल की, जबकि GPT-5 को सिर्फ 41% और इंसानों को 25% स्कोर मिला। यही वजह है कि टेक इंडस्ट्री में इसे एक गेमचेंजर माना जा रहा है।
इंटरनेट पर चर्चा का केंद्र
टेक सर्कल में इस खबर ने हलचल मचा दी है। लोग कह रहे हैं कि एलन मस्क ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि जिसे उन्होंने ट्विटर से निकाला था, वही अब उनके AI साम्राज्य के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आएगा। पराग अग्रवाल का यह कदम न सिर्फ भारतीय टैलेंट का ग्लोबल प्रूफ है बल्कि टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक नई प्रतिस्पर्धा की शुरुआत भी है।





